Indian Army College: हर माता-पिता यही चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छे कॉलेज से पढ़ाई करें, जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो सके। खासतौर पर वे ऐसे कॉलेज की तलाश में रहते हैं, जहां से पढ़ाई के बाद करियर सुरक्षित हो जाए। अगर आपका सपना भारतीय सेना में अफसर बनने का है, तो कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (CME), पुणे आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। यहां से पढ़ाई करने के बाद सेना में अफसर बनने की संभावना काफी बढ़ जाती है। आइए जानते हैं इस कॉलेज के बारे में सबकुछ।
कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (CME) क्या है
कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (CME) की शुरुआत 28 सितंबर 1943 को रुड़की के थॉमसन कॉलेज में मिलिट्री इंजीनियरिंग स्कूल के रूप में हुई थी। बाद में, 1948 में इसे पुणे के खड़की में स्थानांतरित कर दिया गया। यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों में से एक है। यहां भारतीय सेना के इंजीनियरिंग से जुड़े अफसरों को हाई-लेवल ट्रेनिंग दी जाती है।CME में छात्रों को इंजीनियरिंग और आधुनिक टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग के साथ-साथ केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर प्रोटेक्शन (CBRNP) से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है। इस कॉलेज का मुख्य उद्देश्य रक्षा बलों को आधुनिक तकनीकों से लैस करना और बेहतर ट्रेनिंग देना है।
CME में एडमिशन कैसे लें
CME पुणे में एडमिशन लेने के लिए दो मुख्य रास्ते हैं
JEE Main और MHT CET के जरिए
इन परीक्षाओं में अच्छा स्कोर करने के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर दाखिला मिलता है।
दाखिले के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
CME में एडमिशन के लिए निम्नलिखित डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी
JEE Main/MHT CET स्कोरकार्ड
माइग्रेशन सर्टिफिकेट
आधार कार्ड और राष्ट्रीयता प्रमाण पत्र
10वीं और 12वीं की मार्कशीट की कॉपी
फोटो आईडी प्रूफ (पैन कार्ड/पासपोर्ट/ड्राइविंग लाइसेंस/वोटर आईडी/आधार कार्ड)
यदि ग्रेजुएट हैं, तो डिग्री की मार्कशीट
2 पासपोर्ट साइज की स्व-सत्यापित तस्वीरें
CME क्यों है खास
यहां से पढ़ाई करने पर भारतीय सेना में अफसर बनने की संभावना ज्यादा रहती है।
छात्रों को बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक सुविधाएं मिलती हैं।
यहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ सेना की ट्रेनिंग भी दी जाती है।
TES के माध्यम से डायरेक्ट आर्मी में शामिल होने का मौका मिलता है।














