देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले में अब Central Bureau of Investigation यानी सीबीआई ने बड़ा कदम उठाया है। जांच एजेंसी ने जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में बड़े नेटवर्क के जुड़े होने की आशंका और मजबूत हो गई है।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जयपुर में अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया है, जहां आगे पूछताछ की जाएगी।
आरोपी ने लगाए बड़े लोगों को बचाने के आरोप
जयपुर में पेशी के दौरान एक आरोपी ने मीडिया के सामने दावा किया कि इस पूरे मामले में केवल आम लोगों को परेशान किया जा रहा है, जबकि प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है।
हालांकि इस दावे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आरोपी के इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से गिरफ्तारी
रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर से मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल और दिनेश बीवाल को गिरफ्तार किया गया है। वहीं गुरुग्राम से यश यादव और महाराष्ट्र के नासिक से शुभम खैरनार को पकड़ा गया है। गिरफ्तार आरोपी यश यादव उत्तराखंड के एक मेडिकल कॉलेज में पहले वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। वह पहले राजस्थान के सीकर में रहकर कोचिंग कर चुका है। जांच एजेंसियों को शक है कि वहीं से उसका संपर्क पेपर लीक नेटवर्क से हुआ था।
सीकर से शुरू हुई थी जांच
इस मामले की शुरुआती जांच राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप यानी एसओजी ने शुरू की थी। जांच के दौरान पता चला कि परीक्षा में आए सवालों जैसा एक ‘गेस पेपर’ सबसे पहले सीकर जिले के एक छात्र के पास पहुंचा था। बताया गया कि यह छात्र केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। उसने यह पेपर अपने दोस्तों और एक हॉस्टल संचालक के साथ साझा किया था। बाद में जब असली परीक्षा हुई, तो कई सवाल हूबहू मिलने की बात सामने आई।
तकनीकी जानकारी से मिला बड़ा सुराग
गुरुग्राम पुलिस सूत्रों के अनुसार, तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर एसओजी की टीम ने फर्रुखनगर इलाके के खेड़ा गांव में छापा मारा था। वहीं से यश यादव को हिरासत में लिया गया। अब सीबीआई इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच एजेंसी कई शहरों में संदिग्ध लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है।









