NEET Re Test: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का री-टेस्ट रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गया। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित परीक्षा पर पेपर लीक के आरोपों और विवादों के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की थी। हालांकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने का दावा किया गया है, लेकिन छात्रों और अभिभावकों के बीच अविश्वास और नाराजगी अब भी बनी हुई है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों की कई स्तरों पर जांच की गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर पूरी तरह रोक रही। इसके बावजूद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
जंतर-मंतर पर जारी रहा विरोध
री-टेस्ट खत्म होने के बाद भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा विवादों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है।
विरोध कर रहे छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन स्थल पर कई छात्र अपने अनुभव साझा करते हुए भावुक भी नजर आए। उनका कहना था कि लंबे समय तक बनी अनिश्चितता ने उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर असर डाला है।
मानसिक दबाव की शिकायत
छात्रों का कहना है कि पहले मई में परीक्षा देना, फिर उसके परिणामों और निष्पक्षता पर सवाल उठना तथा बाद में दोबारा परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि पिछले सात सप्ताह लगातार तनाव और असमंजस में बीते।
अभिभावकों ने भी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि मेडिकल जैसे प्रतिष्ठित पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी छात्रों के करियर पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल
परीक्षा से पहले सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कथित गेस पेपर और लीक सामग्री बेचने के दावों ने भी छात्रों की चिंताएं बढ़ा दी थीं। हालांकि अधिकारियों ने किसी भी नए लीक की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस तरह की गतिविधियों ने परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।
परिणामों पर टिकी निगाहें
अब लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें परीक्षा परिणामों पर टिकी हैं। छात्रों का कहना है कि वे निष्पक्ष मूल्यांकन और पारदर्शी प्रक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी विवादित परिस्थितियों से बचने के लिए परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है।
NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है और हर साल लाखों छात्र इसमें भाग लेते हैं। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
