Ghaziabad Ambulance Negligence :गाजियाबाद में एंबुलेंस सेवा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि एंबुलेंस चालक की मनमानी के कारण ट्रेन हादसे में घायल 23 वर्षीय युवक की जान चली गई। डॉक्टरों ने उसकी हालत बेहद गंभीर देखते हुए दिल्ली के अस्पताल के लिए रेफर किया था, लेकिन जिस 108 एंबुलेंस से घायल को एमएमजी अस्पताल लाया गया था, उसी के चालक ने उसे दिल्ली ले जाने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। कुछ ही देर बाद इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई।
ट्रेन हादसे में घायल
नोएडा सेक्टर-16 निवासी 23 वर्षीय अक्षय कुमार चंद्रनगर हाल्ट के पास ट्रेन हादसे का शिकार हो गया था। बताया गया कि ट्रेन से गिरने के कारण उसका एक पैर घुटने के नीचे से कट गया था, जबकि दूसरे पैर में भी गंभीर चोट आई थी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलने पर एंबुलेंस घायल अक्षय को लेकर सुबह करीब 9:40 बजे एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी पहुंची। एंबुलेंस चालक अवधेश ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
हालत हुई बेहद गंभीर
अस्पताल पहुंचने के दौरान अक्षय के साथ कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। डॉक्टरों ने इमरजेंसी में उसका तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन शरीर से काफी खून बह जाने और गंभीर चोटों के कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। हालत को देखते हुए इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ने उसे बेहतर उपचार के लिए दिल्ली रेफर कर दिया। इसके बाद अस्पताल की ओर से 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क कर मरीज को दिल्ली ले जाने की व्यवस्था करने का प्रयास किया गया।
चालक ने किया इनकार
आरोप है कि लखनऊ स्थित 108 हेल्पलाइन से उसी एंबुलेंस चालक अवधेश को फोन किया गया, जो अक्षय को घटनास्थल से एमएमजी अस्पताल लेकर आया था। लेकिन चालक ने एंबुलेंस के अंदर खून लगा होने का हवाला देते हुए मरीज को दिल्ली ले जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद अक्षय को अस्पताल की इमरजेंसी में ही रखा गया। उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उसकी मौत हो गई। शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया।
जांच के आदेश
एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी मोहित कुमार ने मामले को गंभीर बताया है। उनका कहना है कि इमरजेंसी कॉल मिलने के बावजूद मरीज को रेफर किए गए अस्पताल तक नहीं ले जाना गंभीर लापरवाही है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एमएमजी अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. चरन सिंह ने बताया कि ट्रेन हादसे में घायल मरीज बुधवार सुबह एंबुलेंस से इमरजेंसी पहुंचा था। उसकी हालत गंभीर थी और डॉक्टरों ने उसे बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पहले भी उठे सवाल
गाजियाबाद में एंबुलेंस सेवा को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। 26 सितंबर 2022 को विजयनगर में एक बुजुर्ग मरीज के परिजनों ने 108 और 102 एंबुलेंस के लिए कई बार फोन किया था, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हुई। इसके बाद परिजन मरीज को चारपाई पर रखकर निजी वाहन से एमएमजी अस्पताल पहुंचे थे। वहीं, 4 नवंबर 2022 को एंबुलेंस नहीं मिलने पर एक व्यक्ति अपनी पत्नी को ठेली पर रखकर अस्पताल ले गया था। इन घटनाओं ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।










