Gorakhpur Police Duty Software: गोरखपुर। गोरखपुर पुलिस थानों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। एसपी सिटी Nimish Patil की पहल पर एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जो रोटेशन के आधार पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तय करेगा। इससे ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता आएगी और पक्षपात या मनमानी की शिकायतों पर रोक लगेगी।
रोटेशन के आधार पर मिलेगी जिम्मेदारी
वर्तमान में अधिकांश थानों में ड्यूटी लगाने की जिम्मेदारी मुंशी के पास होती है। उपलब्ध पुलिसकर्मियों की संख्या के अनुसार पिकेट, गश्त, डे ऑफिसर, नाइट ऑफिसर और अन्य जिम्मेदारियां तय की जाती हैं। कई बार एक ही पुलिसकर्मी को लगातार कठिन या रात्रि ड्यूटी मिलती रहती है, जबकि कुछ कर्मियों को अपेक्षाकृत हल्की जिम्मेदारियां मिलती हैं। नए सॉफ्टवेयर से इस असमानता को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
ऑनलाइन रहेगा पूरा रिकॉर्ड
सॉफ्टवेयर में प्रत्येक थाने के सभी पुलिसकर्मियों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। इसमें उनकी तैनाती, पद, उपलब्धता, अवकाश और पहले की ड्यूटी का रिकॉर्ड भी शामिल रहेगा। किसी भी दिन ड्यूटी तय करते समय सिस्टम रोटेशन के आधार पर स्वतः पुलिसकर्मियों का चयन करेगा। यदि कोई कर्मचारी अवकाश पर होगा या पहले से किसी विशेष ड्यूटी में तैनात होगा, तो सिस्टम अगले उपलब्ध कर्मचारी को जिम्मेदारी देगा।
तीन हजार पुलिसकर्मियों को मिलेगा लाभ
गोरखपुर जिले में करीब तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिनमें लगभग 2,500 पुलिसकर्मी 31 थानों में कार्यरत हैं। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद सभी पुलिसकर्मियों को समान अवसर मिलेगा और अतिरिक्त कार्यभार की शिकायतें कम होंगी। साथ ही अधिकारियों के लिए ड्यूटी प्रबंधन और उसकी निगरानी करना भी आसान हो जाएगा।
पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन पर जोर
नई व्यवस्था में ड्यूटी का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, जिससे उसकी समीक्षा किसी भी समय की जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को ड्यूटी में तत्काल बदलाव करने की सुविधा भी मिलेगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इससे थानों की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
