आंखों के नीचे डार्क सर्कल होना आजकल बेहद आम समस्या बन गई है। ज्यादातर लोग इसे नींद की कमी, तनाव या बढ़ती उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, कई बार ये शरीर के भीतर चल रही किसी स्वास्थ्य समस्या का भी संकेत हो सकते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि डार्क सर्कल कब सामान्य हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत पड़ सकती है।
क्या डार्क सर्कल का दिल की बीमारी से संबंध है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में डार्क सर्कल को हृदय रोग का सीधा लक्षण नहीं माना जाता। अधिकांश मामलों में इसके पीछे नींद की कमी, एलर्जी, डिहाइड्रेशन, तनाव, त्वचा का पतला होना या बढ़ती उम्र जैसी वजहें होती हैं। हालांकि यदि डार्क सर्कल के साथ सांस फूलना, सीने में दर्द, पैरों में सूजन, अत्यधिक थकान या दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं भी दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
डार्क सर्कल होने के सामान्य कारण
- पर्याप्त नींद न लेना
- शरीर में पानी की कमी
- लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखना
- मानसिक तनाव और थकान
- एलर्जी या बार-बार आंखें मलना
- आयरन की कमी
- बढ़ती उम्र के साथ त्वचा का पतला होना
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर डार्क सर्कल के साथ नीचे दिए गए लक्षण भी हों, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है:
- सीने में दर्द या दबाव
- सांस लेने में कठिनाई
- बार-बार चक्कर आना
- अत्यधिक कमजोरी
- पैरों या टखनों में सूजन
डार्क सर्कल कम करने के आसान उपाय
डार्क सर्कल से बचने के लिए रोज 8–9 घंटे की पर्याप्त नींद लें। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और आयरन, विटामिन C तथा प्रोटीन से भरपूर संतुलित आहार लें। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचें और बीच-बीच में आंखों को आराम दें। धूप में निकलते समय सनग्लास और सनस्क्रीन का इस्तेमाल भी फायदेमंद हो सकता है।









