America’s 250th Anniversary Celebration: अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाला भव्य समारोह अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन उससे पहले ही यह राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। वॉशिंगटन के नेशनल मॉल में आयोजित होने वाले “द ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर” को लेकर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। इस कार्यक्रम में देशभर के कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को शामिल किया जाना था। लेकिन अब कई प्रसिद्ध संगीतकारों और कलाकारों ने इस आयोजन से खुद को अलग कर लिया है। इससे कार्यक्रम की चर्चा और तेज हो गई है।
कलाकारों ने क्यों छोड़ा कार्यक्रम?
कार्यक्रम से हटने वाले कलाकारों का कहना है कि उन्हें आयोजन की मूल भावना और विषय के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। बाद में जब उन्हें पता चला कि कार्यक्रम का संबंध पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जोड़ा जा रहा है, तो उन्होंने इससे दूरी बनाने का फैसला किया। कलाकारों का मानना है कि वे किसी भी राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहते। इसी वजह से कई नामी कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुति देने से इनकार कर दिया। उनके इस फैसले के बाद आयोजन समिति पर भी कई सवाल उठने लगे हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
पूरे मामले पर डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कलाकारों के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग मंच पर आने से डर रहे हैं।
ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि यदि कलाकार प्रदर्शन नहीं करना चाहते, तो उनकी जगह इतिहास के सबसे महान राष्ट्रपति “डोनाल्ड जे. ट्रंप” को मंच पर बुलाया जा सकता है। उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गई।
तारीख को लेकर भी उठा सवाल
ट्रंप की पोस्ट के बाद एक नया विवाद भी सामने आ गया। उन्होंने अपने संदेश में दो बार “बुधवार” का जिक्र किया, जबकि यह मेला 25 जून से शुरू होने वाला बताया गया है।
इस तारीख संबंधी अंतर को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा हो गया है। हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
कुछ कलाकार अब भी कार्यक्रम का हिस्सा
विवादों के बावजूद कुछ कलाकार अब भी इस आयोजन से जुड़े हुए हैं। इनमें फ्लोरिडा के कलाकारों के अलावा प्रसिद्ध संगीत समूह मिल्ली वैनिली के सदस्य फैब मोरवन और लोकप्रिय रैपर वैनिला आइस शामिल हैं। वैनिला आइस की टीम ने साफ कहा है कि उन्हें अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने पर गर्व है। उनका मानना है कि यह कार्यक्रम देश के इतिहास और उपलब्धियों का जश्न मनाने का अवसर है।
राजनीति और संस्कृति का बढ़ता टकराव
यह पूरा मामला एक बार फिर दिखाता है कि अमेरिका में राजनीति और मनोरंजन जगत के बीच दूरी लगातार बढ़ती जा रही है। जहां कुछ कलाकार राजनीतिक विवादों से दूर रहना चाहते हैं, वहीं ट्रंप समर्थक इस आयोजन को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक मान रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि समारोह शुरू होने तक यह विवाद किस दिशा में जाता है।
