अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक बड़े मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमला किया गया। उन्होंने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट साझा करते हुए दी। ट्रंप के मुताबिक, हमला ईरान की ओर से किया गया और यह सीजफायर समझौते का खुला उल्लंघन है।
जहाज को हुआ नुकसान
ट्रंप ने बताया कि एक ड्रोन जहाज के ऊपरी हिस्से से टकराया। इस टक्कर से जहाज को नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन वह अपना सफर जारी रखने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने बाकी तीन ड्रोन समय रहते मार गिराए, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
पोस्ट में क्या कहा गया?
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे जहाजों पर कम से कम चार वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया। उन्होंने इसे बेहद गैरजिम्मेदाराना कदम बताते हुए कहा कि यह सीजफायर समझौते का “मूर्खतापूर्ण उल्लंघन” है। ट्रंप का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में शांति की कोशिशों को कमजोर करती हैं।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में गिना जाता है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और अन्य जरूरी सामान दुनिया के कई देशों तक पहुंचता है। यही वजह है कि यहां होने वाली किसी भी घटना का असर वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर पड़ सकता है। लंबे समय से यह इलाका ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव का केंद्र बना हुआ है।
तनाव के बीच जारी है बातचीत
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब सीजफायर के बाद इलाके में शांति बनाए रखने के लिए लगातार कूटनीतिक बातचीत चल रही है। हालांकि, इस दावे पर ईरान की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, अमेरिकी रक्षा विभाग और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि करते हुए अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है।
दुनिया की नजर हालात पर
ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि सीजफायर के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनियां और कई देश इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। यदि इस समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।









