Hormuz Strait Relief For India: भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। लंबे समय से तनाव के कारण प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत से जुड़े 30 जहाज सुरक्षित रूप से निकल चुके हैं। इन जहाजों में बड़ी मात्रा में एलपीजी (LPG), एलएनजी (LNG) और कच्चा तेल लदा हुआ है, जो जल्द ही भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने वाला है। इस खबर से देश के ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ आम लोगों ने भी राहत महसूस की है, क्योंकि इससे गैस और ईंधन की आपूर्ति मजबूत होने की उम्मीद बढ़ गई है।
समझौते के बाद खुला समुद्री रास्ता
अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। यह समुद्री मार्ग कई दिनों से प्रभावित था, जिसके कारण बड़ी संख्या में जहाज रास्ते में रुके हुए थे। समझौते के बाद अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है और कई जहाज अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
इस घटनाक्रम को सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के देशों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव में भी कमी आने की उम्मीद है।
भारत आने वाले जहाजों में क्या है?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सुरक्षित रूप से निकले 30 जहाजों में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण सामान लदा हुआ है। इनमें 15 जहाज एलपीजी और एलएनजी लेकर भारत आ रहे हैं। इसके अलावा 8 जहाजों में अन्य जरूरी माल भरा हुआ है, जबकि 7 बड़े टैंकर कच्चा तेल लेकर भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं।
इन जहाजों के पहुंचने से घरेलू बाजार में ईंधन और गैस की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। इससे ऊर्जा क्षेत्र को स्थिरता मिलने में मदद मिल सकती है।
ट्रंप की चेतावनी भी चर्चा में
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया गया तो यह डील समाप्त की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क या टोल नहीं लगाया जाएगा।
अभी भी 26 जहाज इंतजार में
रिपोर्टों के मुताबिक, फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारत से जुड़े 26 जहाज अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इनमें भारतीय झंडे वाले जहाजों के साथ कुछ विदेशी मालवाहक जहाज भी शामिल हैं, जिनका माल भारत के लिए है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में ये जहाज भी सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सकेंगे।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, यूएई और ईरान जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों का अधिकांश तेल और गैस इसी रास्ते से दुनिया भर में पहुंचता है।
भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। रोजाना करोड़ों बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद इसी समुद्री मार्ग के जरिए विभिन्न देशों तक पहुंचाए जाते हैं। यही कारण है कि इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ता है।
सामान्य होने में लगेगा समय
हालांकि जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो चुकी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी स्थिति को सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है। फिर भी 30 जहाजों का सुरक्षित निकलना भारत के लिए बड़ी राहत और सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।




