ईरान और अमेरिका के बीच कई हफ्तों से चली आ रही अपेक्षाकृत शांति अब एक बार फिर खत्म होती दिख रही है। रविवार को अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के लारक द्वीप पर मौजूद दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन लॉन्चरों से होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी की जा रही थी। यह एक महीने से अधिक समय में ईरानी क्षेत्र पर अमेरिका की पहली पुष्टि की गई सैन्य कार्रवाई थी।
ईरान का पलटवार
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया। ईरानी सेना के मुताबिक, उसने संयुक्त अरब अमीरात के अल मिनहाद एयर बेस पर दर्जनों विस्फोटक ड्रोन से हमला किया। ईरान का कहना है कि यहां अमेरिकी सैनिक और हेलीकॉप्टर मौजूद थे। हालांकि यूएई ने बेस पर हमले की ईरानी रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायुसेना ने अपने क्षेत्रीय जल के ऊपर ईरान से आए एक ड्रोन को रोक दिया।
जॉर्डन में हमला
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का भी दावा किया। ईरानी पक्ष के अनुसार, किंग हुसैन और अल-अजराक एयरबेस को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियां और एफ-35 विमान तथा एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी सुविधाएं होने का दावा किया गया है। हालांकि नुकसान को लेकर ईरान और अमेरिका समर्थित पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए आठ मिसाइलों को मार गिराया।
खर्ग पर ट्रंप
तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने Truth Social अकाउंट पर ईरान के खर्ग द्वीप को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने दावा किया कि खर्ग द्वीप ‘उड़ा दिया जा रहा है’। हालांकि बाद में सामने आया कि वीडियो AI से तैयार किया गया था और खर्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी कहा कि रविवार रात की कार्रवाई में अमेरिकी सेना ने खर्ग को निशाना नहीं बनाया था। ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के पोस्ट को खारिज किया है।
होर्मुज पर नजर
लारक और खर्ग दोनों ही ईरान के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनकी भूमिका अलग है। लारक द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जबकि खर्ग ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्रों में शामिल है। ऐसे में इन इलाकों से जुड़ा कोई भी सैन्य घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री परिवहन पर असर डाल सकता है। हालिया अमेरिकी कार्रवाई और ईरान के जवाबी हमलों के बाद होर्मुज में तनाव फिर बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष के और फैलने की आशंका भी गहरा गई है।
आगे क्या होगा
अमेरिका और ईरान के बीच यह नया सैन्य टकराव ऐसे समय हुआ है जब दोनों देशों के बीच संघर्ष को सीमित रखने और बातचीत की उम्मीदें बनी हुई थीं। अब लारक द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई और उसके जवाब में जॉर्डन-यूएई से जुड़े सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमलों ने स्थिति को फिर बेहद संवेदनशील बना दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
