Trump Secret Flight From Turkey: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले महीने तुर्किये में NATO सम्मेलन के बाद ब्रिटेन जाने के लिए बेहद गोपनीय सुरक्षा योजना अपनाई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान की तरफ से ट्रम्प पर हमले की विश्वसनीय आशंका के चलते उनके वास्तविक विमान को छिपाने की रणनीति बनाई गई।
एयरफोर्स वन बना डिकॉय
अंकारा एयरपोर्ट पर ट्रम्प कैमरों के सामने पुराने Air Force One में सवार होते हुए दिखाई दिए। इससे पत्रकारों और वहां मौजूद कुछ अधिकारियों को लगा कि राष्ट्रपति इसी विमान से ब्रिटेन रवाना होंगे। लेकिन यह विमान कथित तौर पर ट्रम्प की वास्तविक यात्रा को छिपाने के लिए डिकॉय के तौर पर इस्तेमाल किया गया था।
कैटरिंग गाड़ी से निकले
रिपोर्ट के अनुसार, एयरफोर्स वन में चढ़ने के बाद ट्रम्प विमान के दूसरे हिस्से से बाहर निकले और उन्हें एयरपोर्ट की एक कैटरिंग गाड़ी के जरिए गुप्त रूप से दूसरे विमान तक ले जाया गया। इसके बाद वे छोटे सैन्य विमान C-32A में सवार हुए। इस पूरी कार्रवाई का मकसद उनके वास्तविक स्थान को छिपाना था।
पत्रकार भी रहे अनजान
इस ऑपरेशन की खास बात यह थी कि एयरफोर्स वन में मौजूद कई पत्रकार और कुछ व्हाइट हाउस कर्मचारी भी कथित तौर पर यही मान रहे थे कि ट्रम्प उसी विमान में हैं। पत्रकारों को उड़ान के दौरान खिड़कियों के शेड बंद रखने को कहा गया। इसी वजह से विमान में मौजूद लोगों को भी वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाया।
ब्रिटेन पहुंचा दूसरा विमान
ट्रम्प को लेकर C-32A विमान ब्रिटेन पहुंचा, जबकि डिकॉय विमान भी लगभग उसी समय वहां पहुंचा। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रम्प ने तुर्किये में NATO सम्मेलन के लिए कतर से मिले नए 747-8 विमान से यात्रा की थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से वापसी में उसे इस्तेमाल नहीं किया गया। व्हाइट हाउस ने ऑपरेशन की पूरी जानकारी की पुष्टि नहीं की, लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए खतरे को देखते हुए जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाने की बात कही।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। सुरक्षा अभियान से जुड़ी कुछ जानकारियां आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई हैं।









