अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ईरान के लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि वे मजबूत हैं और अपनी सभ्यता व पहचान पर गर्व करते हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान के नेता अभी तक अमेरिका के साथ समझौते के लिए तैयार नहीं हुए हैं, क्योंकि वे खुद को मजबूत स्थिति में मानते हैं। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि आखिरकार ईरान को बातचीत और समझौते का रास्ता अपनाना ही पड़ेगा। उनके मुताबिक अभी इसमें थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन मौजूदा हालात में कोई दूसरा विकल्प दिखाई नहीं देता।
समझौते को लेकर ट्रंप की राय
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरानी नेतृत्व फिलहाल समझौते के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, “ईरानी लोग मजबूत हैं और अपनी ताकत पर गर्व करते हैं। वे ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, जिनकी उन्होंने शायद पहले कभी कल्पना नहीं की थी।” ट्रंप के अनुसार, मौजूदा हालात ईरान को अंततः बातचीत की मेज तक लाने के लिए मजबूर कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने माना कि किसी भी समझौते तक पहुंचने में अभी समय लग सकता है।
यूरेनियम को लेकर हुआ था विचार
डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू में एक और अहम खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान से संवर्धित यूरेनियम वापस लाने के लिए सैन्य अभियान चलाने के विकल्प पर भी विचार किया था।।ट्रंप ने कहा कि इस योजना पर गंभीर चर्चा हुई थी, लेकिन बाद में इसे बहुत जोखिम भरा मानते हुए खारिज कर दिया गया। उनका कहना था कि इस मिशन को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों की जरूरत पड़ती।
उन्होंने बताया कि इस तरह के अभियान में कम से कम दो सप्ताह का समय लग सकता था और इसके लिए व्यापक सैन्य तैयारी करनी पड़ती। आखिरकार सुरक्षा और जोखिम को देखते हुए इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया गया।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संबंध फिर से तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच कई घटनाओं ने माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हुई सैन्य गतिविधियों और एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों ने तनाव बढ़ाया है। वहीं, क्षेत्र में इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने भी हालात को और जटिल बना दिया है।
किन मुद्दों पर अटका है समझौता?
युद्धविराम के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा, ईरान की जब्त संपत्तियां और उसका परमाणु कार्यक्रम प्रमुख मुद्दे हैं। इन्हीं कारणों से दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ने में मुश्किलें आ रही हैं।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान के शीर्ष नेतृत्व के करीबी सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा कि अमेरिका में रोकी गई ईरान की करीब 24 अरब डॉलर की संपत्ति समझौते की सबसे बड़ी शर्तों में से एक है।
उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका वास्तव में समझौता चाहता है, तो उसे ईरान की रोकी गई संपत्तियां वापस करनी होंगी। रेजाई ने जोर देकर कहा कि यह ईरान का पैसा है और उसे वापस मिलना चाहिए।
