Strict Action: कानपुर के नगर आयुक्त ने काम में देरी और लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को दिए नोटिस जारी करने के आदेश

कानपुर में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। काम में देरी और लापरवाही मिलने पर संबंधित विभागों को फटकार लगाई गई तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

Strict Action Over Delayed Construction Works: कानपुर नगर निगम के नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने सोमवार को जोन-3 क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे महत्वपूर्ण विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीएम ग्रिड सड़क परियोजना और बाबा कुटी स्थित जोनल कार्यालय निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दोनों परियोजनाओं में अपेक्षित गति नहीं मिलने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने पाया कि कई जरूरी काम अभी तक अधूरे पड़े हैं, जबकि पहले ही इन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए जा चुके थे।

सीएम ग्रिड सड़क का काम अधूरा मिला

नगर आयुक्त सबसे पहले जोन-1 क्षेत्र में मार्बल मार्केट से अलंकार गेस्ट हाउस तक बनाई जा रही सीएम ग्रिड सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद कई कार्य अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। निरीक्षण में सामने आया कि सड़क के किनारे बने कई चैंबर अभी भी निर्धारित स्तर पर नहीं लाए गए हैं। इसके अलावा जल निगम ने सड़क के एक हिस्से में पाइप लाइन डालकर कनेक्शन का काम पूरा कर लिया है, लेकिन दूसरी तरफ का कार्य अभी बाकी है। यह स्थिति देखकर नगर आयुक्त ने संबंधित विभागों को फटकार लगाई। उन्होंने जल निगम, जलकल विभाग और केस्को को दो दिन के भीतर अपना लंबित कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद अभियंत्रण विभाग को आगे का कार्य सौंपने को कहा गया।

फुटपाथ निर्माण में भी तेजी लाने के निर्देश

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि फुटपाथ निर्माण का कार्य अगले दस दिनों में पूरा किया जाए। उन्होंने मुख्य अभियंता को परियोजना की नियमित निगरानी करने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय सीमा के भीतर कार्य पूरा होना चाहिए।

बाबा कुटी परियोजना में भी मिली खामियां

इसके बाद नगर आयुक्त बाबा कुटी स्थित जलकल कार्यालय पहुंचे, जहां नए जोनल कार्यालय और सह-कार्यस्थल का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 12.42 करोड़ रुपये बताई गई है। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि करीब नौ महीने बीत जाने के बाद भी जलकल विभाग द्वारा आवश्यक लाइन नहीं डाली गई है। वहीं जल निगम ने भी अभी तक अपना कार्य शुरू नहीं किया है। इसके अलावा पाइप लाइन और बिजली के खंभों को स्थानांतरित करने का काम भी अधूरा पाया गया। इससे पूरी परियोजना की प्रगति प्रभावित हो रही है।

जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

निर्माण कार्यों में लगातार हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता एसएफए जैदी को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दस दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और विभागों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Exit mobile version