Kanpur Drug Trader Murder: कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की जांच में 49 डिलीट वाट्सऐप चैट सामने आई हैं। पुलिस अब इन संदेशों को रिकवर करने में जुटी है। मामले में बहू शालू और दो आरोपियों से पूछताछ हो चुकी है।
डिलीट चैट से सुराग
कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट में शनिवार रात दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद पुलिस ने जांच तेज की तो बहू शालू और हत्या में शामिल आरोपियों के बीच संपर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस ने 1 मई से घटना वाले दिन तक की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली, जिसमें दोनों के बीच कुल 309 बार कॉल आने-जाने की बात सामने आई। इनमें वाट्सऐप कॉल भी शामिल हैं। जांच के दौरान मोबाइल से 49 वाट्सऐप चैट डिलीट मिलीं। पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश से जुड़े अहम संदेश इन्हीं चैट में हो सकते हैं।
छह लाख की सुपारी
पुलिस के मुताबिक, विनीत मिनोचा की हत्या की सुपारी उनकी बहू शालू ने फेथफुलगंज के नुनिया मोहाल निवासी विशाल गौतम और राजकिशोर को छह लाख रुपये में दी थी। दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत होती रही थी। पुलिस का दावा है कि शालू ने विशाल को हत्या के बदले पैसे देने के साथ दोबारा नौकरी पर रखने और अच्छा वेतन देने का भरोसा भी दिया था। फिलहाल पुलिस डिलीट चैट को रिकवर कर साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
आठ घंटे में खुलासा
शनिवार रात हत्या के बाद सुबह करीब चार बजे विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत और बहू शालू घर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें वारदात की जानकारी हुई। पुलिस ने करीब आठ घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का दावा किया और आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को हत्या की साजिश में बहू शालू की कथित भूमिका की जानकारी मिली। अब पुलिस मृतक के बेटे सुब्रत से भी पूछताछ कर चुकी है, ताकि परिवार से जुड़े सभी पहलुओं को समझा जा सके।
21 दिन पहले साजिश
पुलिस के अनुसार, हत्या की योजना घटना से करीब 21 दिन पहले बनाई गई थी। शालू ने अपने पूर्व कर्मचारी विशाल से संपर्क कर उसे सुपारी देने की बात तय की थी और हत्या के लिए 5 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई थी। पूछताछ में पुलिस ने शालू से साजिश को लेकर जानकारी हासिल की है। हालांकि डिलीट चैट की बरामदगी के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि वारदात से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और हत्या की योजना किस तरह आगे बढ़ी।
निगरानी से थी परेशानी
पुलिस जांच में सामने आया कि शालू कथित तौर पर अपने ससुर की टोका-टाकी और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों से होने वाली निगरानी से परेशान थी। पूछताछ में उसने हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए ससुर पर निर्भर रहने को लेकर भी असहजता की बात कही। पुलिस इन्हीं कारणों को हत्या की साजिश के पीछे की वजह मान रही है। उधर, जेल भेजे जाने के बाद शालू को महिला बैरक में रखा गया है। जेल सूत्रों के मुताबिक उसने पहले दिन खाना नहीं खाया और रात बेचैनी में गुजारी। अब पुलिस की नजर डिलीट 49 चैट पर है, जिनसे इस हत्याकांड की साजिश की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।







