ITBP police Controversy,: आईटीबीपी जवानों की भारी मौजूदगी पर उठा सवाल, पुलिस कमिश्नर ने डीजीपी को भेजी रिपोर्ट

कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ी संख्या में पहुंचे आईटीबीपी जवानों के मामले पर पुलिस कमिश्नर ने रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने कहा कि दोनों बलों में कोई टकराव नहीं था, लेकिन जवानों की मौजूदगी का तरीका ठीक नहीं था।

: Kanpur ITBP Controversy

Kanpur में शनिवार को उस समय हलचल मच गई, जब बड़ी संख्या में सशस्त्र Indo-Tibetan Border Police यानी आईटीबीपी के जवान पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए। सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें जवानों का काफिला और पुलिस परिसर में उनकी मौजूदगी दिखाई दे रही थी। इसके बाद तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। अब इस पूरे मामले पर पुलिस कमिश्नर Raghubir Lal ने स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी तरह का विवाद या टकराव नहीं था। इस मामले में उन्होंने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और आईटीबीपी के डीजी को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है।

जांच को लेकर बुलाए गए थे अधिकारी

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को कुछ जरूरी बिंदुओं पर बातचीत के लिए पुलिस ऑफिस बुलाया गया था। यह चर्चा एक मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर होनी थी ताकि सीएमओ स्तर से आगे की जांच कराई जा सके। हालांकि, आईटीबीपी अधिकारी अपने साथ काफी संख्या में जवान लेकर पहुंच गए। पुलिस कमिश्नर का कहना है कि पुलिस परिसर के बाहर जिस तरह जवानों को तैनात किया गया, उससे गलत संदेश गया और मीडिया में इसे अलग तरीके से दिखाया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

शनिवार को कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो में दर्जनों हथियारबंद जवान पुलिस कमिश्नरेट परिसर के अंदर और बाहर खड़े दिखाई दे रहे थे। कुछ लोगों ने इसे पुलिस कमिश्नरेट के “घेराव” की तरह प्रचारित किया। पुलिस कमिश्नर की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के साथ सीसीटीवी फुटेज और वीडियो भी शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि सामान्य हालात में इतनी बड़ी संख्या में सशस्त्र जवानों का किसी पुलिस परिसर में पहुंचना असामान्य माना जाता है।

इलाज में लापरवाही का आरोप

दरअसल, यह पूरा मामला आईटीबीपी जवान विकास की मां निर्मला के इलाज से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि गलत इलाज की वजह से उनका हाथ काटना पड़ा। इसी मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर आईटीबीपी अधिकारी पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद महाराजपुर स्थित आईटीबीपी बटालियन के अधिकारियों से जवाब भी मांगा गया है। इस मामले में विभागीय और अनुशासनात्मक जांच की तैयारी चल रही है।

क्या बोले पुलिस कमिश्नर?

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि उन्होंने पूरी रिपोर्ट डीजीपी और आईटीबीपी के महानिदेशक को भेज दी है। उन्होंने माना कि जवानों की संख्या ज्यादा थी और जिस तरीके से वे परिसर में मौजूद रहे, वह ठीक नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे उचित कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

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