Fire victim story: इकलौते कमाऊ पूत की मौत से टूट गया परिवार, दुखियारे परिजनों की कहानी उन्हीं की जुबानी

लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले अब्दुल रहमान अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में है। परिजनों ने सुरक्षा लापरवाही पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Lucknow Agnikand Abdul Rahman Story: लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में अब्दुल रहमान भी शामिल थे, जिनकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घर में हर तरफ मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अब्दुल रहमान अपने परिवार के सबसे बड़े सहारे थे। उन्होंने एनीमेशन का कोर्स पूरा किया था और पिछले चार साल से उसी संस्थान में काम कर रहे थे। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी अचानक हुई मौत ने परिवार को मुश्किल हालात में ला खड़ा किया है।

पोस्टमार्टम हाउस में छलका परिवार का दर्द

हादसे की खबर मिलने के बाद अब्दुल के भाई और चाचा मोहम्मद सिद्दीकी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने बताया कि रहमान घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके पिता पूरी तरह दिव्यांग हैं और एक बहन की शादी की जिम्मेदारी भी अब्दुल पर ही थी। परिवार का कहना है कि अब उनके सामने भविष्य को लेकर बड़ी चिंता खड़ी हो गई है। घर का खर्च कैसे चलेगा और बहन की शादी कैसे होगी, यह सवाल सभी को परेशान कर रहा है।

सोशल मीडिया से मिली हादसे की जानकारी

मोहम्मद सिद्दीकी ने बताया कि जब दोपहर में आग लगी थी, तब उन्होंने खुद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। उस समय उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनका अपना भतीजा भी उसी इमारत में मौजूद है। शाम होते-होते परिवार को यह दुखद सूचना मिली कि अब्दुल रहमान भी इस हादसे का शिकार हो गए हैं। यह खबर सुनते ही पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट

परिजनों के अनुसार, अब्दुल बहुत मेहनती और जिम्मेदार युवक थे। वह नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखे हुए थे। कुछ महीने पहले ही उन्होंने नई जगह पर काम शुरू किया था। उनकी मां सिलाई का काम करती हैं और लोगों को सिलाई भी सिखाती हैं। लेकिन घर का मुख्य खर्च अब्दुल ही उठाते थे। अब परिवार में कोई दूसरा स्थायी कमाने वाला नहीं है, जिससे आर्थिक संकट और गहरा गया है।

सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर सवाल

परिवार ने हादसे के पीछे लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि इमारत के सामने लगे ट्रांसफार्मर और खुले बिजली के तारों की वजह से खतरा हमेशा बना रहता था। गर्मी के दिनों में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं, लेकिन समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कई इमारतों में बिना जरूरी सुरक्षा इंतजामों के व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ती है।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

मृतक के परिवार ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस हादसे के जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। परिजनों ने मुख्यमंत्री से भी अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। उनका मानना है कि तभी पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सकेगा।

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