Lucknow Electricity: लखनऊ में स्मार्ट मीटर से जुड़ी परेशानियां एक बार फिर सामने आई हैं। जिन स्मार्ट मीटरों को बिजली व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए लगाया गया था, वही अब कई उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को बकाया बिजली बिल के चलते राजधानी में करीब 5 हजार स्मार्ट मीटर वाले बिजली कनेक्शन काट दिए गए।
कनेक्शन कटते ही कई इलाकों में अफरातफरी का माहौल बन गया। खासकर लखनऊ सेंट्रल क्षेत्र में करीब 3,500 से अधिक परिवार इस समस्या से प्रभावित हुए। बिजली कटने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपना बकाया बिल जमा कराने के लिए बिलिंग केंद्रों पर पहुंच गए।
बिल जमा किया, फिर भी नहीं लौटी बिजली
हुसैनगंज, अमीनाबाद और चौक समेत कई बिलिंग केंद्रों पर बिजली बिल जमा करने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गईं। कई उपभोक्ताओं ने किसी तरह अपना पूरा बकाया बिल चुका दिया, लेकिन इसके बाद भी उनकी बिजली तुरंत बहाल नहीं हुई।
कनेक्शन तुरंत कट सकता है तो जुड़ क्यों नहीं सकता?’
परेशान उपभोक्ताओं का सबसे बड़ा सवाल यही था कि अगर स्मार्ट मीटर की तकनीक बकाया बिल होने पर बिजली का कनेक्शन तुरंत काट सकती है, तो भुगतान करने के बाद बिजली की आपूर्ति तुरंत क्यों नहीं शुरू हो सकती?
कई परिवारों को देर रात तक बिजली का इंतजार करना पड़ा। उमस भरी गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली विभाग की शिकायत व्यवस्था पर भी उठे सवाल
स्मार्ट मीटर की समस्या के बीच बिजली विभाग की शिकायत निवारण व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मध्यांचल विद्युत निगम की 1912 हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है।
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 18,957 शिकायतों का बिना वास्तविक समाधान किए ही निस्तारण दर्ज कर दिया गया। यानी रिकॉर्ड में शिकायतें बंद दिखाई गईं, जबकि जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं की समस्या बनी हुई थी।
बिजली कटौती से लेकर स्मार्ट मीटर तक की शिकायतें
1912 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों में सिर्फ बिजली कटौती ही नहीं, बल्कि कई तरह की समस्याएं शामिल हैं। उपभोक्ता अनियोजित बिजली कटौती, सप्लाई में खराबी, गलत या बढ़े हुए बिजली बिल, मीटर की तकनीकी दिक्कत और नए स्मार्ट मीटर से जुड़ी परेशानियों की शिकायत कर रहे हैं।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों का नियमानुसार समाधान करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी ने बिना समस्या दूर किए शिकायत को फर्जी तरीके से निस्तारित किया है, तो मामले की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
