Dead Inside Car : कार से मिला दो दिन से लापता दारोगा का शव, नाक से खून, परिवार में मातम, हर पहलू की जांच जारी

लखनऊ में दो दिन से लापता दारोगा अजय कुमार का शव मोहान रोड पर खड़ी कार से मिला। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर शव बरामद किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह स्पष्ट होगी।

Sub-Inspector Found Dead : लखनऊ में एक दारोगा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। गाजीपुर थाने की सर्वोदय नगर चौकी में तैनात 2020 बैच के दारोगा अजय कुमार का शव शुक्रवार को पारा क्षेत्र के मोहान रोड किनारे खड़ी उनकी कार से बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो दिनों से लापता थे और ड्यूटी पर भी नहीं पहुंचे थे। लगातार फोन रिसीव न होने पर साथियों ने उनकी लोकेशन ट्रेस कराई, जिसके बाद यह मामला सामने आया। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

दो दिन तक फोन बंद रहने पर बढ़ी चिंता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अजय कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हापुड़ के रहने वाले थे। नियुक्ति के बाद उनकी पहली पोस्टिंग पारा थाने में हुई थी, जहां उन्होंने करीब तीन वर्ष तक क्राइम टीम में काम किया। वर्तमान में वह गाजीपुर थाने की सर्वोदय नगर चौकी में तैनात थे। वह पारा के नरपत खेड़ा इलाके में पत्नी कोमल और दो बेटों के साथ किराये के मकान में रहते थे। बुधवार रात ड्यूटी से घर लौटने के बाद गुरुवार सुबह वह कार लेकर निकले, लेकिन ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। कई बार कॉल करने के बावजूद उन्होंने फोन नहीं उठाया, जिससे पुलिसकर्मियों को अनहोनी की आशंका हुई।

लोकेशन ट्रेस होने पर सड़क किनारे मिली कार

लगातार संपर्क न होने पर पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जो मोहान रोड पर दिखाई दी। इसके बाद चौकी प्रभारी सचिन कौशिक और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। सड़क किनारे खड़ी कार अंदर से लॉक थी और उसमें अजय कुमार का शव पड़ा मिला। कार का शीशा तोड़कर शव बाहर निकाला गया। दो दिन तक कार में पड़े रहने के कारण शव फूल चुका था और चेहरे का रंग भी बदल गया था। सूचना मिलने पर एसीपी काकोरी शकील अहमद सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।

सीसीटीवी फुटेज और शुरुआती जांच में मिले अहम सुराग

जांच के दौरान पास के एक अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। फुटेज में गुरुवार सुबह करीब 11:12 बजे अजय की कार अस्पताल के सामने झटके के साथ रुकती दिखाई दी। इसके बाद न तो कोई व्यक्ति कार से बाहर निकला और न ही किसी के अंदर जाने के संकेत मिले। पुलिस को शुरुआती जांच में दम घुटने की आशंका नजर आई है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। कार के अंदर चाबी ऑन मोड में मिली, जबकि पिछली सीट पर उनकी कैप और कुछ जांच संबंधी दस्तावेज भी बरामद हुए।

नाक से खून, परिवार में मातम, हर पहलू की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, अजय कुमार की नाक से खून निकला हुआ था, जो उनकी टी-शर्ट और हाथ पर भी लगा मिला। मकान मालिक ने बताया कि अजय पिछले पांच वर्षों से उनके यहां किराये पर रह रहे थे। करीब 25 दिन पहले उनकी पत्नी बच्चों के साथ हापुड़ स्थित मायके गई थीं। जब अजय से संपर्क नहीं हो पाया तो पत्नी ने भी चौकी प्रभारी को फोन कर चिंता जताई थी। पति की मौत की सूचना मिलते ही पत्नी बेसुध हो गईं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा और हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

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