Saurabh Murder Case : मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में आरोपित मुस्कान और साहिल अब अपने जीवन को एक नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। जेल में दस दिन पूरे कर चुके दोनों ही आरोपी अब सुधारात्मक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। मुस्कान सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रही है, जबकि साहिल खेती-बाड़ी का काम सीख रहा है। मेरठ जेल के वरिष्ठ अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, दोनों की दिनचर्या अब अन्य कैदियों के साथ सामंजस्य बैठाने लगी है और वे धीरे-धीरे अपराध और नशे की दुनिया से बाहर निकल रहे हैं।
अरुण गोविल कैदियों ने कैदियों को दी ‘रामायण’
रविवार को मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता अरुण गोविल, जो रामानंद सागर की रामायण में भगवान श्रीराम की भूमिका निभा चुके हैं, मेरठ जेल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने करीब 1500 रामायण कैदियों के बीच वितरित की। अरुण गोविल ने जेल में बंद मुस्कान और साहिल से भी मुलाकात की। दिलचस्प बात यह रही कि दोनों ने खुद आगे बढ़कर ‘रामायण’ प्राप्त करने की इच्छा जताई।
यह भी पढ़ें : 5 बच्चों की मम्मी को चढ़ा इश्क का बुखार, ड्रम के बजाए पति को यहां पर कैद…
कैदियों को किया प्रेरित
सांसद अरुण गोविल ने बताया कि जब उन्होंने मुस्कान और साहिल को रामायण भेंट की, तो उनकी भावनाएं उमड़ पड़ीं। मुस्कान की आंखों में पश्चाताप के आंसू झलकने लगे, जबकि साहिल गहरी सोच में डूब गया। अरुण गोविल ने सभी कैदियों को समझाया कि ‘रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणास्रोत पुस्तक है।’ उन्होंने सभी कैदियों से आग्रह किया कि जो बीत गया, उसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन भविष्य को संवारने का अवसर हमेशा रहता है। सांसद ने कैदियों को यह संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया कि जब वे जेल से बाहर आएं, तो अपराध की राह पर दोबारा न चलें।
सुधार की दिशा में कदम
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल में कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मुस्कान को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके। वहीं, साहिल को जैविक खेती की शिक्षा दी जा रही है, जिससे वह भविष्य में अपनी आजीविका खुद चला सके। मेरठ जेल में अब सुधार और आत्म-विश्लेषण का नया अध्याय लिखा जा रहा है। देखना होगा कि क्या मुस्कान और साहिल सच में बदले हुए जीवन की ओर बढ़ते हैं या नहीं।