Ayushman Card Land Fraud: वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर एक किडनी मरीज की करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर रोहनिया थाना पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में एक स्थानीय भाजपा पदाधिकारी का नाम भी शामिल है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।
किडनी मरीज से कथित धोखाधड़ी का आरोप
शिकायत के अनुसार, रिटायर्ड शिक्षक ओम प्रकाश मिश्रा किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं और उनका नियमित डायलिसिस होता था। उनकी पत्नी प्रमिला मिश्रा ने आरोप लगाया है कि इलाज के दौरान उनके भतीजे विशाल मिश्रा और अन्य लोगों ने आयुष्मान कार्ड बनवाने का झांसा देकर उनसे दस्तावेज हासिल किए।
दान पत्र के जरिए संपत्ति हड़पने का आरोप
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने कथित साजिश के तहत करीब 65 बिस्वा भूमि और अन्य व्यावसायिक संपत्ति का दान पत्र अपने पक्ष में तैयार करा लिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में संबंधित संपत्तियों के एग्रीमेंट भी करा दिए गए। पीड़ित परिवार का दावा है कि संपत्ति की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है।
बेटे को पता चलने पर खुला मामला
परिजनों के अनुसार, जब ओम प्रकाश मिश्रा की तबीयत में सुधार हुआ तो उन्होंने आयुष्मान कार्ड के बारे में जानकारी मांगी। आरोप है कि इस पर संबंधित लोग टालमटोल करने लगे। इसके बाद मुरादाबाद में रहने वाले उनके बेटे ने वाराणसी पहुंचकर निबंधन कार्यालय में जानकारी ली, जहां संपत्ति के हस्तांतरण का पता चला।
10 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
कोर्ट के निर्देश पर रोहनिया थाना पुलिस ने विशाल मिश्रा सहित 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह का नाम भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







