बुधवार, जुलाई 15, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍
Home राष्ट्रीय

Kargil War:ऑपरेशन विजय में ‘गन हिल’ की वीरगाथा, बिना एक भी जवान गंवाए, भारत ने जीत दर्ज कर रचा था इतिहास

कारगिल युद्ध में पॉइंट 5140 पर भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत ने युद्ध की दिशा बदल दी। वर्ष 2023 में इसका नाम गन हिल रखा गया। यह विजय भारतीय तोपखाने, रणनीति और सैनिकों के अदम्य साहस की मिसाल है।

by Kirtika Tyagi
जुलाई 14, 2026
in राष्ट्रीय
Share on FacebookShare on Twitter

Kargil War Gun Hill Victory, कारगिल युद्ध के दौरान1 भारतीय सेना ने कई कठिन और ऐतिहासिक लड़ाइयां लड़ीं, लेकिन पॉइंट 5140 पर मिली जीत को सबसे अहम सफलताओं में गिना जाता है। यही वह चोटी है, जिसे आज पूरा देश ‘गन हिल’ के नाम से जानता है। ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने इस ऐतिहासिक स्थल तक विशेष अभियान आयोजित कर उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने 1999 में दुर्गम पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया था। यह अभियान केवल एक सैन्य कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शौर्य, परंपरा और बलिदान की उस विरासत को याद करने का अवसर भी था, जिसने भारतीय सैन्य इतिहास में नई मिसाल कायम की।

दुश्मन के लिए सबसे मजबूत ठिकानों में था पॉइंट 5140

करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित पॉइंट 5140 कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों का बेहद मजबूत ठिकाना था। इस चोटी से द्रास सेक्टर की गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सकती थी। साथ ही आसपास की अन्य कब्जाई गई चोटियों तक रसद और सैन्य सहायता पहुंचाना भी संभव था। यही वजह थी कि इस चोटी को वापस हासिल करना भारतीय सेना के लिए सिर्फ एक सैन्य लक्ष्य नहीं, बल्कि पूरे अभियान की सफलता की अनिवार्य शर्त बन गया था।

RELATED NEWS

Agniveer Scheme : अक्टूबर 2026 में पहले बैच का कार्यकाल होगा पूरा, देश सेवा के बाद कितना मिलेगा पैसा? जानिए पूरी जानकारी

Agniveer Scheme : अक्टूबर 2026 में पहले बैच का कार्यकाल होगा पूरा, देश सेवा के बाद कितना मिलेगा पैसा? जानिए पूरी जानकारी

जुलाई 8, 2026
IMA Passing Parade: 94 साल के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट्स ने पुरुषों के साथ अंतिम पग पार कर रचा इतिहास

IMA Passing Parade: 94 साल के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट्स ने पुरुषों के साथ अंतिम पग पार कर रचा इतिहास

जून 13, 2026

बोफोर्स तोपों ने बदला युद्ध का समीकरण

पॉइंट 5140 की जीत केवल भारतीय पैदल सैनिकों की बहादुरी की कहानी नहीं है, बल्कि भारतीय तोपखाने की अद्भुत क्षमता का भी उदाहरण है। अंतिम हमले से पहले भारतीय सेना ने आसपास की रणनीतिक चोटियों पर कब्जा कर अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। 13 और 14 जून 1999 की रात 18 ग्रेनेडियर्स ने ‘हंप’ पर कब्जा किया, जबकि 13 जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स ने ‘रॉकी नॉब’ को अपने नियंत्रण में ले लिया।

इसके बाद बोफोर्स तोपों ने सीधे फायरिंग कर दुश्मन के बंकरों और रक्षा ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया। सटीक और लगातार हुई गोलाबारी से दुश्मन की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर पड़ गई।

‘शत्रुनाश’ अभियान से मिली निर्णायक बढ़त

19 और 20 जून 1999 की रात भारतीय सेना ने निर्णायक हमला शुरू किया। ‘शत्रुनाश’ नामक विशेष तोपखाना योजना के तहत बोफोर्स तोपों और मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ने दुश्मन के ठिकानों पर लगातार गोले बरसाए। पूर्व और पश्चिम दोनों दिशाओं से हुई जबरदस्त गोलाबारी ने दुश्मन की लड़ने की क्षमता लगभग खत्म कर दी।

तोपखाने की इस प्रभावी कार्रवाई के बाद भारतीय पैदल सेना तेजी से आगे बढ़ी। 20 जून 1999 की सुबह करीब 5 बजे 13 जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स ने पॉइंट 5140 पर पूरी तरह कब्जा कर लिया। इस जीत के साथ द्रास क्षेत्र में दुश्मन की सबसे मजबूत अग्रिम चौकियों में से एक ध्वस्त हो गई और भारतीय सेना को युद्ध में निर्णायक बढ़त मिली।

बिना किसी सैनिक को खोए हासिल की गई ऐतिहासिक सफलता

पॉइंट 5140 की जीत को और भी खास बनाती है एक ऐसी उपलब्धि, जिसकी मिसाल सैन्य इतिहास में बेहद कम देखने को मिलती है। लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इतने मजबूत दुश्मन ठिकाने पर कब्जा करने के बावजूद भारतीय सेना का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ। उच्च हिमालयी क्षेत्र में इतनी कठिन परिस्थितियों के बीच इतनी बड़ी सफलता बिना अपने किसी नुकसान के हासिल करना भारतीय सेना की रणनीति, प्रशिक्षण और साहस का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।

इसी ऐतिहासिक उपलब्धि और कारगिल युद्ध में भारतीय तोपखाने की निर्णायक भूमिका को सम्मान देने के लिए वर्ष 2023 में पॉइंट 5140 का आधिकारिक नाम बदलकर ‘गन हिल’ रखा गया।

वीरों को श्रद्धांजलि देने पहुंची नई पीढ़ी

इस वर्ष आयोजित विशेष अभियान में उन तोपखाना इकाइयों के 25 सैनिक शामिल हुए, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके साथ स्थानीय सैन्य इकाइयों के 101 सैनिकों ने भी हिस्सा लिया। इस अभियान का उद्देश्य नई पीढ़ी के सैनिकों को उन वीरों के साहस, अनुशासन और बलिदान से जोड़ना था, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।

आज भी प्रेरणा देती है गन हिल

आज जब गन हिल की चोटी पर तिरंगा शान से लहराता है, तो वह केवल भारत की सैन्य जीत का प्रतीक नहीं होता, बल्कि उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, संकल्प और देशभक्ति की कहानी भी सुनाता है, जिन्होंने असंभव लगने वाले लक्ष्य को संभव कर दिखाया। गन हिल आज भी हर भारतीय को यह याद दिलाती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय सेना अपने साहस और रणनीति के दम पर विजय हासिल करने का जज्बा रखती है।

Tags: indian armykargil waroperation vijay
Share196Tweet123Share49

Kirtika Tyagi

Kirtika Tyagi is a journalist. she is working on sub-editor post and she is expert in International, National, Health, Crime, Lifestyle, Astro beat. 

Related Posts

Agniveer Scheme : अक्टूबर 2026 में पहले बैच का कार्यकाल होगा पूरा, देश सेवा के बाद कितना मिलेगा पैसा? जानिए पूरी जानकारी

Agniveer Scheme : अक्टूबर 2026 में पहले बैच का कार्यकाल होगा पूरा, देश सेवा के बाद कितना मिलेगा पैसा? जानिए पूरी जानकारी

by Kirtika Tyagi
जुलाई 8, 2026

Agniveer Scheme : केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल अक्टूबर 2026 में पूरा...

IMA Passing Parade: 94 साल के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट्स ने पुरुषों के साथ अंतिम पग पार कर रचा इतिहास

IMA Passing Parade: 94 साल के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट्स ने पुरुषों के साथ अंतिम पग पार कर रचा इतिहास

by Kirtika Tyagi
जून 13, 2026

IMA Passing Out Parade 2026: भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड इस बार कई मायनों में खास और...

Dhiraj Seth Army Chief: लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, जाने कब से संभालेंगे पदभार

Dhiraj Seth Army Chief: लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, जाने कब से संभालेंगे पदभार

by Sadaf Farooqui
जून 13, 2026

भारतीय सेना को जल्द ही नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय...

Tragic Blast in Uri:  जम्मू-कश्मीर के कमलकोट, उरी सेक्टर सैन्य के शिविर में दर्दनाक हादसा, ग्रेनेड फटने से दो जवान शहीद

Tragic Blast in Uri: जम्मू-कश्मीर के कमलकोट, उरी सेक्टर सैन्य के शिविर में दर्दनाक हादसा, ग्रेनेड फटने से दो जवान शहीद

by Kirtika Tyagi
जून 10, 2026

Tragic Blast in Uri Sector: जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां...

Zorawar Light Tank: हिमालय की सुरक्षा का नया योद्धा ‘जोरावर’, स्वदेशी टैंक बर्फीले पहाड़ों में दुश्मन के छुड़ाएगा छक्के

Zorawar Light Tank: हिमालय की सुरक्षा का नया योद्धा ‘जोरावर’, स्वदेशी टैंक बर्फीले पहाड़ों में दुश्मन के छुड़ाएगा छक्के

by SYED BUSHRA
जून 6, 2026

Zorawar Light Tank: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश में विकसित किया गया...

Next Post
IND vs ENG ODI: क्या रोहित शर्मा रचेंगे नया इतिहास? इंजमाम उल हक का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 20 रन दूर

IND vs ENG ODI: क्या रोहित शर्मा रचेंगे नया इतिहास? इंजमाम उल हक का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 20 रन दूर

Tragic Incidents: यूपी में दो दर्दनाक घटनाएं, मिर्जापुर में मां और बेटी की जहर खाने से मौत, रायबरेली में महिला की संदिग्ध मौत

Tragic Incidents: यूपी में दो दर्दनाक घटनाएं, मिर्जापुर में मां और बेटी की जहर खाने से मौत, रायबरेली में महिला की संदिग्ध मौत

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist