भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) जल्द लागू हो सकता है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को बताया कि दोनों देशों के बीच समझौते को अक्टूबर के आखिर तक लागू किए जाने की उम्मीद है। इसकी आधिकारिक तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
भारतीय निर्यात को बड़ा फायदा
समझौते के लागू होने के बाद न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों के लिए अपने बाजार में 100% ड्यूटी-फ्री पहुंच देगा। इसका फायदा कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, रत्न-आभूषण, हस्तशिल्प और इंजीनियरिंग सामान जैसे क्षेत्रों को मिल सकता है। भारत सरकार के अनुसार सभी भारतीय निर्यात पर प्रवेश के समय शून्य शुल्क का प्रावधान है।
इससे भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पाद ज्यादा प्रतिस्पर्धी कीमत पर बेचने का मौका मिलेगा। खास तौर पर छोटे और मध्यम कारोबारियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
न्यूजीलैंड करेगा बड़ा निवेश
समझौते में न्यूजीलैंड ने भारत में अगले 15 वर्षों के दौरान 20 अरब डॉलर, यानी करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ भारत में कारोबार और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है।
भारत और न्यूजीलैंड ने अप्रैल 2026 में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ाना है।
न्यूजीलैंड के सामान भी सस्ते होंगे
समझौते के तहत न्यूजीलैंड के मौजूदा निर्यात का करीब 95% हिस्सा भारत में शुल्क-मुक्त या काफी कम शुल्क पर पहुंच सकेगा। इससे न्यूजीलैंड से आने वाले कई उत्पादों की कीमतों और व्यापार को फायदा हो सकता है। हालांकि कुछ संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों पर अलग प्रावधान रखे गए हैं।
व्यापार बढ़ाने पर जोर
भारत और न्यूजीलैंड दोनों इस समझौते के जरिए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाना चाहते हैं। भारत के लिए यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब सरकार अलग-अलग देशों के साथ व्यापार समझौतों के जरिए भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार खोलने पर जोर दे रही है। समझौता लागू होने के बाद दोनों देशों के कारोबारियों को इसका व्यावहारिक लाभ मिलना शुरू होगा।


