Indonesia Honor PM Modi: भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान उन्हें इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बितांग आदिपूर्ण’ (Bintang Adipurna) से सम्मानित किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने राष्ट्रपति भवन इस्ताना मरदेका में आयोजित विशेष कार्यक्रम में यह सम्मान प्रदान किया। इस मौके ने दोनों देशों की दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती दी।
कई अहम समझौतों पर बनी सहमति
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने वाली साबित होगी। जकार्ता पहुंचने पर उनका राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान रक्षा, आधुनिक तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज, विनिर्माण और समुद्री संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
रक्षा सहयोग होगा और मजबूत
जानकारी के अनुसार, भारत की स्वदेशी अस्त्र (Astra) हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल की क्षमता देखने के बाद इंडोनेशिया ने इसे खरीदने में रुचि दिखाई है। इससे भारत के रक्षा निर्यात को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा इंडोनेशिया अपनी सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए भारत और रूस के संयुक्त प्रयास से विकसित ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की संख्या भी बढ़ाना चाहता है। इस दिशा में भारत तकनीकी सहयोग और आवश्यक आपूर्ति में मदद करेगा।
सबंग बंदरगाह पर बढ़ेगा सहयोग
दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सबंग बंदरगाह के संयुक्त विकास पर भी सहमति जताई है। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी स्थिति भारत के ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना के काफी करीब है। ऐसे में दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग और समुद्री संपर्क पहले से अधिक मजबूत होगा।
महत्वपूर्ण खनिज और ईवीएम पर भी समझौता
भारत और इंडोनेशिया ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने का फैसला किया है। इसके तहत भारतीय कंपनियां इंडोनेशिया में स्टील, निकल और रेयर अर्थ मैग्नेट से जुड़े उद्योगों में निवेश करेंगी। इसके साथ ही भारत ने इंडोनेशिया को उसकी जरूरतों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में तकनीकी सहयोग देने की भी पेशकश की है।
सर्वोच्च सम्मान का खास महत्व
बितांग आदिपूर्ण सम्मान की शुरुआत वर्ष 1959 में हुई थी। यह इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने देश, समाज और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया हो। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति भवन की अतिथि पुस्तिका में हस्ताक्षर भी किए। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर स्वागत का वीडियो साझा करते हुए इंडोनेशिया की जनता और सरकार का गर्मजोशी भरे सम्मान के लिए धन्यवाद दिया।







