Drone Didi Scheme: केंद्र सरकार की नमो ड्रोन दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और उनके लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। इस योजना के तहत चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को ड्रोन के इस्तेमाल और खेती से जुड़े कामों की जानकारी दी जाती है। इसके बाद वे किसानों के खेतों में ड्रोन के जरिए खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करने की सेवा देकर आय अर्जित कर सकती हैं।
SHG से जुड़ी महिलाओं को लाभ
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से महिला स्वयं सहायता समूह यानी Self Help Group (SHG) की सदस्यों को मिलता है। योजना के लिए आवेदन करने वाली महिला का किसी पंजीकृत स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना जरूरी है। इसके बाद सरकारी दिशा-निर्देशों और निर्धारित पात्रता के आधार पर लाभार्थी महिलाओं का चयन किया जाता है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनी गई महिलाओं को ड्रोन संचालन और उससे जुड़े कार्यों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
अलग से ऑनलाइन आवेदन नहीं
नमो ड्रोन दीदी योजना के लिए अलग से कोई ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया नहीं बताई गई है। इच्छुक महिलाओं को सबसे पहले अपने गांव या क्षेत्र में सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ना चाहिए। इसके बाद वे अपने जिले के कृषि विभाग, जिला प्रशासन या राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन यानी NRLM कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं। संबंधित अधिकारी योजना से जुड़ी जानकारी और प्रक्रिया के बारे में बताते हैं। पात्र महिलाओं का चयन होने के बाद उन्हें प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।
ड्रोन संचालन से लेकर सुरक्षा तक
योजना के तहत चुनी गई महिलाओं को ड्रोन उड़ाने और उसका सही तरीके से इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षण में खेतों में खाद और कीटनाशकों का सुरक्षित छिड़काव करने की प्रक्रिया भी शामिल होती है। इसके अलावा महिलाओं को ड्रोन के रखरखाव, संचालन और सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों की जानकारी दी जाती है। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को आधिकारिक प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाता है।
सेवा देकर शुरू कर सकती हैं काम
ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद महिलाएं किसानों के खेतों में छिड़काव की सेवा उपलब्ध कराकर रोजगार शुरू कर सकती हैं। इससे उन्हें अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिलता है और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी मजबूत होती है। वहीं, ड्रोन से खेतों में छिड़काव करने से किसानों का समय और मेहनत बचाने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा, जरूरत के अनुसार छिड़काव की प्रक्रिया को तेज करने में भी ड्रोन तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम
नमो ड्रोन दीदी योजना को ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और उन्हें रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। इसके जरिए महिलाएं पारंपरिक कामों के साथ आधुनिक कृषि तकनीक से जुड़कर अपनी कमाई का जरिया बना सकती हैं। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देना भी है।









