मंगलवार, जून 30, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍
Home Latest News

जानिए गढ़ीमाई देवी के दर पर क्यों दी गई 5 लाख पशुओं की बलि,  गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज हुई ‘बेजुबानों की कुर्बानी’

नेपाल के गढ़ीमाई देवी के दर पर दी गई 5 लाख पशुओं की बलि, सैकड़ों साल से चली आ रही परंपरा, 5 साल में लगता है मेला।

by Vinod
दिसम्बर 17, 2024
in Latest News, TOP NEWS, धर्म, राष्ट्रीय
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। नेपाल के बारा जनपद में 2 से लेकर 15 दिसंअर तक गढ़रमाई देवी स्थित एक विराट मेले का आयोजन किया गया। जिसमें इस बार पांच लाख से अधिक पशुओं की बलि देकर नया रिकार्ड बना। इस बार ं 8 और 9 दिसंबर को 4200 भैंसों की बलि दे दी गई। भारत ने बार्डर पर पशुओं की तस्करी को रोकने के लिए कड़े बंदोबस्त किए थे। बार्डर पर प्रशासन की सतर्कता की वजह से कम से कम 750 जानवरों को बचाया गया है, जिनमें भैंसें, भेड़-बकरियां और अन्य जानवर शामिल हैं। इन बेजुबानों को गुजरात के जामनगर में रिलायंस ग्रुप के वाइल्डलाइफ रिहैबिलिटेशन सेंटर में भेज दिया गया है। बता दें, नेपाल में हर पांच वर्ष बाद मेले का आयोजन होता है। जिसमें 4 से 5 लाख पशुओं की बलि दी जाती है।

2 से 15 दिसंबर तक चला मेला

नेपाल के बारा जिले में गढ़ीमाई महानगरपालिका स्थित विश्व प्रसिद्ध गढ़ीमाई मंदिर है। यहां पर हर पांच साल के बाद विराट मेले का आयोजन किया जाता है। पुरानी प्रथा के अनुसार गढ़ीमाई के दर पर करीब पांच लाख बड़े-छोटे पशुओं की बलि दी जाती है। इस मेले का आगाज 2 दिसंबर को हुआ। नेपाल के उपराष्ट्रपति राम सहाय यादव ने उद्घाटन किया था। यह मेला 15 दिसंबर तक चला। आठ दिसंबर को विशेष पूजा हुई और उसके बाद जिन लोगों की मन्नतें पूरी हो गई उन्होंने अपनी मन्नत के अनुसार पशु पक्षी की बलि चढ़ाई। मेले को देखते हुए नेपाल से सटे राज्यों में भारत के सुरक्षाबलों ने तगड़े इंतजाम किए थे। बड़े पैमाने पर पशुओं की तस्करी को रोकी। करीब 20 हजार से अधिक जानवरों को बार्डर के उस पर जाने से रोककर उनकी जान बचाई।

RELATED NEWS

Nepal

Nepal Gen-Z Revolution: सोशल मीडिया बैन के खिलाफ संसद भवन में घुसे प्रदर्शनकारी, 6 की मौत, 80 घायल

सितम्बर 8, 2025
फेसबुक-यूट्यूब बैन पर नेपाल में सरकार के खिलाफ विद्रोह, संसद में घुसे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने की ताबड़तोड़ फायरिंग

फेसबुक-यूट्यूब बैन पर नेपाल में सरकार के खिलाफ विद्रोह, संसद में घुसे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने की ताबड़तोड़ फायरिंग

सितम्बर 8, 2025

क्या है खूनी परंपरा की कहानी

दरअसल, ऐसा मान्यता है कि गढ़ीमाई मंदिर के संस्थापक भगवान चौधरी से जुड़ी है। आज से लगभग 265 साल पहले 1759 में पहली बार यह त्योहार मनाया गया था। मान्यताओं की मानें तो गढ़ीमाई मंदिर के संस्थापक भगवान चौधरी को एक रात सपना आया। सपने में गढ़ीमाई माता ने उन्हें जेल से छुड़ाने, सुख और समृद्धि से बचाने के लिए इंसान की बलि मांगी है। भगवान चौधरी ने इंसान की बजाए जानवर की बलि दी और तभी से गढ़ीमाई मंदिर में हर 5 साल बाद लाखों जानवरों की बलि चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। जानकारों का कहना है कि लोग मन्नत पूरी होने पर गढ़ीमाई के मंदिर बलि देते हैं। विश्व में सबसे ज्यादा बलि इसी मंदिर में होती है। गढ़ीमाई मेला गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे अधिक सामूहिक बलि प्रथा के रूप में नाम दर्ज करवा चुका है।

कहां पर हैं गढ़ीमाई का मंदिर

नेपाल की राजधानी काठमांडू से करीब 160 किलोमीटर दूर बरियापुर गांव स्थित है। इसी गांव में है माता गढ़ीमाई का मंदिर। इस मंदिर में हर 5 साल में एक बार गढ़ीमाई त्योहार मनाया जाता है। गढ़ीमाई त्योहार का आगाज पुजारी अपना खून चढ़ाकर करते हैं। इस मंदिर को नेपाल के शक्तिपीठों में से एक माना गया है। जानकार बताते हैं कि यहां सबसे पहले वाराणसी के डोम राज के यहां से आने वाले 5100 पशुओं की बलि दी जाती है। मेला लगभग 15 दिन चलता है और इसमें नेपाल और भारत के श्रद्धालुओं का जमावड़ा होता है। प्रत्येक दिन लगभग पांच लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस मेले में नेपाल के अलावा, भूटान, बंग्लादेश और भारत समेत कई देश के करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है बलि का मामला

बलि प्रथा के खिलाफ दुनिया के कई देशों में आवाजें उठती रही है। भारत में भी इस बलि प्रथा के खिलाफ आवाज उठने लगी है। भारत में इसको लेकर पशु तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। यह मामला नेपाल के सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है। साल 2019 में कोर्ट ने पशु बलि पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया था लेकिन आदेश में यह कहा कि गढ़ीमाई मेले के दौरान पशु बलि को धीरे-धीरे करके कम किया जाए। हालांकि कोर्ट ने कहा था कि यह धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा है, इसलिए इससे जुड़े लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं किया जा सकता है। ह्यमेन सोसाइटी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार 2009 में यहां 5 लाख से ज्यादा जानवरों की बलि चढ़ाई गई थी। 2014 और 2019 में भी ढाई लाख से ज्यादा जानवर बलि की भेंट चढ़ गए थे।

Tags: Animal SacrificeGadhimai DeviGadhimai FairGovernment of Nepalnepal
Share198Tweet124Share50

Vinod

Related Posts

Nepal

Nepal Gen-Z Revolution: सोशल मीडिया बैन के खिलाफ संसद भवन में घुसे प्रदर्शनकारी, 6 की मौत, 80 घायल

by Mayank Yadav
सितम्बर 8, 2025

Nepal Gen-Z Revolution: नेपाल की राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में सोमवार को Gen-Z क्रांति अपने चरम पर पहुंच गई।...

फेसबुक-यूट्यूब बैन पर नेपाल में सरकार के खिलाफ विद्रोह, संसद में घुसे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने की ताबड़तोड़ फायरिंग

फेसबुक-यूट्यूब बैन पर नेपाल में सरकार के खिलाफ विद्रोह, संसद में घुसे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने की ताबड़तोड़ फायरिंग

by Vinod
सितम्बर 8, 2025

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। नेपाल के अंदर पिछले एक साल से ओली सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर आकर प्रदर्शन...

दिल्ली स्पेशल सेल ने नेपाल में की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, ‘D कंपनी’ और ISI के सलीम पिस्टल का गेम किया ओवर

दिल्ली स्पेशल सेल ने नेपाल में की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, ‘D कंपनी’ और ISI के सलीम पिस्टल का गेम किया ओवर

by Vinod
अगस्त 9, 2025

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। दिल्ली स्पेशल सेल के स्पेशल कमांडो ने एक सनसनीखेज ऑपरेशन को सफलता पूर्वक अंजाम देकर तहलका...

केपी ओली बोले, नेपाल में हुआ था भगवान श्रीराम का जन्म, चीन के इशारे पर महादेव को भी बताया नेपाली

केपी ओली बोले, नेपाल में हुआ था भगवान श्रीराम का जन्म, चीन के इशारे पर महादेव को भी बताया नेपाली

by Vinod
जुलाई 14, 2025

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। नेपाल के अंदर कुछ बड़ा होने वाला है। राजा भी एक्टिव हैं और प्रजा भी उनके...

मिलिए IAS खान से, जिन्होंने कहा, पशुओं की ‘बलि’ उचित नहीं, ‘इस्लाम तो अरब का धर्म, भारत में हिन्दू से मुस्लिम बनाए गए लोग’

मिलिए IAS खान से, जिन्होंने कहा, पशुओं की ‘बलि’ उचित नहीं, ‘इस्लाम तो अरब का धर्म, भारत में हिन्दू से मुस्लिम बनाए गए लोग’

by Vinod
जून 7, 2025

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। अपने बयानों के चलते चर्चा में रहने वाले आईएएस अधिकारी नियाज खान एक बार फिर सुर्खियों...

Next Post
One Nation One Election

One Nation One Election: आज पेश होगा 'वन नेशन वन इलेक्शन' विधेयक, BJP-कांग्रेस ने जारी किया व्हिप

किस देश की है अराकान आर्मी, जिसने बांग्लदेश की 271 किमी भूमि कब्जाई, 30000 कमांडो की चढ़ाई से घबराई ‘यूनुस एंड ‘कंपनी’

किस देश की है अराकान आर्मी, जिसने बांग्लदेश की 271 किमी भूमि कब्जाई, 30000 कमांडो की चढ़ाई से घबराई ‘यूनुस एंड ‘कंपनी’

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist