Chandranath Rath: की हत्या के बाद पश्चिम Bengal पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सत्ता परिवर्तन के बाद हुए इस हत्याकांड ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ की हत्या के लिए भाड़े पर प्रोफेशनल शूटर बुलाए गए थे। बताया जा रहा है कि सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया गया। पुलिस को शक है कि गोली चलाने वाले आरोपी पड़ोसी राज्यों से आए थे।
बिहार और यूपी तक पहुंची जांच
इसी शक के आधार पर पश्चिम बंगाल पुलिस अब उन अपराधियों की जानकारी जुटा रही है जो हाल के दिनों में बिहार और उत्तर प्रदेश की जेलों से बाहर आए हैं। मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी लगातार अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही है। जांच टीम उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, झारखंड के धनबाद और बिहार के कई जिलों में संदिग्ध लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस विभिन्न राज्यों के प्रोफेशनल अपराधियों की सूची तैयार कर रही है और वहां की पुलिस से संपर्क में है।
कई संदिग्ध हिरासत में
जानकारी के अनुसार, पुलिस अब तक पांच से छह संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। हालांकि अभी तक कोई ऐसा मजबूत सबूत नहीं मिला है, जिससे हत्या की पूरी साजिश साफ हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि हत्या के पीछे किसका हाथ था और इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड कौन है।
50 सेकेंड में हुई पूरी वारदात
पुलिस को प्रोफेशनल शूटरों पर शक इसलिए भी है क्योंकि पूरी वारदात बेहद कम समय में अंजाम दी गई। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सिर्फ 50 सेकेंड के अंदर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। जिस जगह यह घटना हुई, वहां से करीब 100 मीटर दूर लगे सीसीटीवी कैमरे में उस समय की रिकॉर्डिंग कैद हुई है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। तकनीकी जांच टीम भी लगातार जुटी हुई है। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी और डिजिटल सबूतों से जल्द कुछ अहम जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।



