बिहार की नई सरकार में कैबिनेट विस्तार के बाद सबसे ज्यादा चर्चा Vijay Sinha को लेकर रही। पिछली सरकार में वह उपमुख्यमंत्री थे और इस बार उन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। भाजपा और संघ से लंबे समय से जुड़े होने की वजह से पार्टी के अंदर भी उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
हालांकि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी Samrat Choudhary को मिली। खास बात यह रही कि विजय सिन्हा ने ही उनके नाम का प्रस्ताव रखा। लेकिन इसके बाद मीडिया में दिए गए उनके बयान से यह चर्चा शुरू हो गई कि वह फैसले से पूरी तरह खुश नहीं हैं।
मंत्रिमंडल में शामिल होने पर चली चर्चा
कैबिनेट गठन के बाद ऐसी खबरें सामने आने लगीं कि विजय सिन्हा शायद मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि उन्हें पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसके बाद यह भी चर्चा तेज हुई कि उन्होंने सरकार में शामिल होने के लिए गृह विभाग की मांग रखी है।
हालांकि विजय सिन्हा ने इन चर्चाओं पर कभी खुलकर कुछ नहीं कहा। लेकिन उनके समर्थक लगातार उन्हें बड़ा विभाग देने की मांग करते रहे। अब विभागों का बंटवारा हो चुका है और उन्हें कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले यह विभाग Ramkripal Yadav के पास था।
पहले से बड़ा मिला बजट
पिछली सरकार में विजय सिन्हा के पास दो विभाग थे। इनमें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और खान एवं भूतत्व विभाग शामिल थे। दोनों विभागों का कुल बजट करीब 2268 करोड़ रुपये था।
अब नई सरकार में उन्हें सिर्फ एक विभाग मिला है, लेकिन उसका बजट पहले से काफी बड़ा है। कृषि विभाग का बजट लगभग 3446 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। यानी उनके हिस्से का बजट पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है।
हालांकि इस बार उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग नहीं मिला। इसी विभाग में काम करते हुए उन्होंने जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए काफी लोकप्रियता हासिल की थी और लगातार सुर्खियों में रहे थे।
विकसित बिहार बनाने की बात
मंत्री बनने के बाद मीडिया से बातचीत में विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को विकसित राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री मिलकर इस दिशा में काम करेंगे और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
विजय सिन्हा इससे पहले बिहार विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और उपमुख्यमंत्री जैसी अहम जिम्मेदारियां भी निभा चुके हैं। ऐसे में अब कृषि मंत्री के तौर पर उनकी नई भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।
विभागों के बंटवारे पर बढ़ी चर्चा
बिहार सरकार में विभागों के बंटवारे के बाद राजनीतिक गलियारों में बजट और ताकत को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी को कई बड़े विभाग मिलने की बात कही जा रही है, जबकि जेडीयू के हिस्से में अपेक्षाकृत कम बजट आने की चर्चा हो रही है।








