Delhi Police X Notice: दिल्ली पुलिस ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था, को एक शिकायत के संबंध में पत्र लिखा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म पर संवैधानिक प्रमुखों के खिलाफ अपमानजनक, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक कंटेंट प्रसारित किया जा रहा है। पुलिस ने X से कथित पोस्ट या वीडियो को तत्काल हटाने के लिए कहा है।
अकाउंट की जानकारी
पुलिस ने उस X अकाउंट होल्डर की पूरी जानकारी भी मांगी है, जिसने कथित तौर पर यह कंटेंट पोस्ट किया था। इसमें अकाउंट धारक का पूरा नाम, पता, संपर्क विवरण और ईमेल आईडी शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने अकाउंट से जुड़े लॉगिन और लॉगआउट रिकॉर्ड भी मांगे हैं। इन रिकॉर्ड में संबंधित समय और तारीख के टाइम स्टैम्प की जानकारी देने को कहा गया है।
जांच में सहयोग
दिल्ली पुलिस ने X से ऐसी अन्य सभी प्रासंगिक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, जो मामले की जांच में उपयोगी हो सकती है। पुलिस ने कथित पोस्ट या वीडियो से जुड़े डेटा और अन्य संबंधित रिकॉर्ड को भविष्य की जांच के लिए सुरक्षित रखने को भी कहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच के दौरान जरूरी डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध रहें।
BSA प्रमाणपत्र मांगा
पुलिस ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 63(4) के तहत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। यह मांग इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से जुड़े साक्ष्यों की कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। पुलिस की ओर से X से कथित पोस्ट और वीडियो से संबंधित डिजिटल जानकारी को संरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि आगे की जांच में इसका इस्तेमाल किया जा सके।
PM मोदी पर पोस्ट
इससे पहले 27 जुलाई को भी दिल्ली पुलिस ने कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियों वाले पोस्ट और वीडियो हटाने का निर्देश दिया था। पुलिस के मुताबिक, ये कंटेंट जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन और 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसा से संबंधित घटनाओं के बीच सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए थे।
सोशल मीडिया निगरानी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा वाले कई पोस्ट सामने आए। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम लगातार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट की पहचान कर रही है। आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर संबंधित सोशल मीडिया मध्यस्थों को नोटिस भेजकर उसे हटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
कार्रवाई जारी
पुलिस का कहना है कि नोटिस जारी होने के बाद प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा वाले कई कथित पोस्ट, टिप्पणियां और वीडियो पहले ही हटाए जा चुके हैं। साइबर और सोशल मीडिया टीमें अब भी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। यह कार्रवाई 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर बढ़े राजनीतिक तनाव के बीच सामने आई है। मार्च के दौरान NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सुरक्षाकर्मियों से झड़प हुई थी।








