मंगलवार, सितम्बर 8, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍

STF चीफ से 4 कदम आगे हैं ये ‘सिंघम’, ‘डार्लिंग’ से मार गिराए 116 डकैत

Story of DSP Ashok Bhadauria: मध्य प्रदेश पुलिस सेवा से रिटायर हुए डीएसपी अशोक भदौरिया को कहा जाता है रियल लाइफ का ‘सुपरकॉप’, जांबाज से थर-थर कांपते थे डाकू।

by Digital Desk
नवम्बर 9, 2024
in TOP NEWS, उत्तर प्रदेश, क्राइम, लखनऊ
Share on FacebookShare on Twitter

लखनऊ ऑनलाइन डेस्क। अगर यूपी पुलिस में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की बात होती है तो कई आईपीएस के नाम सामने आते हैं, पर यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश सब पर भारी हैं। 2007 में ददुआ के ‘द एंड’ से शुरू हुआ ऑपरेशन 2024 तक बदस्तूर जारी है। लेकिन यूपी एसटीएफ चीफ से भी चार कदम आगे रिटायर्ड डीएसपी अशोक भदौरिया रहे हैं। उन्होंने चंबल के जंगलों से डाकुओं का सफाया किया। अपनी एक-47 रायफल के जरिए कुल 116 डकैतों को ठोका। ‘सुपरकॉप’ ने एक-47 का नाम डॉर्लिंग रखा हुआ था और आज भी ये ‘प्रियसी’ उनके साथ 24 घंटे रहती है।

डकैतों का काल बने डीएसपी भदौरिया

पाठा से लेकर चंबल में 80 और 90 के दशक में डाकुओं का आतंक हुआ करता था। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के चंबल के इलाकों में डाकुओं का बोलबाला था। उस दौर पर जब भी कोई बच्चा रोता तो उसकी मां कहती बबुआ चुप हो जा नहीं ददुआ, खड़रिया गैंग आ जाएगा। हालात इस कदर खराब थे कि अंधेरा होने के बाद लोग घरों में दुबक जाया करते थे। तभीं अशोक भदौरिया की पोस्टिंग मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर हुई थी। चंबल में पहुंचते ही उन्होंने डकैतों का सफाया करना शुरू कर दिया। कुछ ही दिनों में भदौरियों को डकैतों का काल कहा जाने लगा।

RELATED NEWS

Agra Lucknow Expressway Accident

Road Accident:आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा टला, ग्लूकोज लदे DCM का टायर फटा, ऑक्सीजन टैंकर से जा भिड़ा

सितम्बर 5, 2026
Mohanlalganj murder case accused death

UP News: तीन साल पुराने हत्या केस को लेकर परेशान युवक की मौत, रेलवे ट्रैक पर मिला शव

सितम्बर 2, 2026

डीएसपी भदौरिया की एक-47 रायफल थी खास

अशोक भदौरिया का प्रोमोशन हुआ और वह डीएसपी बनाए गए। डीएसपी बनाए जाने के बाद भी उन्होंने ऑफिस के बजाए जंगल को चुना। अशोक भदोरिया अपने साथ एके-47 लेकर चला करते थे। वह प्यार से उसे डार्लिंग बुलाते थे। उनका कहना था कि परिवार वाले भी नाराज होते हैं कि आप दिन भर अपनी बंदूक के साथ ही रहते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वह एके-47 से 116 से ज्यादा डाकुओं को ठिकाने लगा चुके हैं। बीहड़ के जंगलों में भदौरिया का आतंक कुछ ऐसा था कि सिर्फ उनके नाम मात्र से डकैतों औऱ दुर्दांत अपराधियों में भगदड़ की स्थिति पैदा हो जाती थी। भदौरिया को ग्वालियर के बीहड़ों से डकैत गैंगों के सफाई का क्रेडिट दिया जाता है।

गोली लगने से घायल हुए थे डीएसपी भदौरिया

एक अखबार को दिए इंटरव्यू के दौरान अशोक भदौरिया ने बताया था कि डाकुओं को पकड़ने के लिए उनकी तरह जीवन भी बिताना पड़ता था। कई-कई दिनों तक जंगलों में भटकने के बाद कई बार स्थिति ऐसी हो जाती थी कि गंदे पानी में सूखी रोटी भिगाकर खानी पड़ती थी। भदौरिया ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि एक एनकाउंटर के दौरान उन्हें गोली लग गई थी। पैर में गोली लगने के बाद उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा था। उन्होंने कहा कि गोली लगने के बाद मैं इस काम से मुक्ति चाहता था, लेकिन कोई अधिकारी इसके लिए तैयार नहीं था। इस बीच डाकुओं का आतंक बढ़ता जा रहा था। ऐसे में उन्होंने दोबारा बंदूक उठाकर चंबल के जंगलों में उतरना पड़ा।

इन डकैतों का किया सफाया

दयाराम गड़रिया, रामबाबू गड़रिया, कलीम गैंग जैसी दर्जनों गैंग का सफाया अशेक भदौरिया ने किया। भदौरिया ने 5 लाख इनामी दयाराम गड़रिया को मार गिराया। 5 लाख के इनामी रामबाबू गड़रिया, 50 हजार के इनामी बेजू गड़रिया, 50 हजार के इनामी सोबरन गड़रिया, 1 लाख के इनामी रघुवर गड़रिया, 50 हजार का इनामी हरिबाबा, 25 हजार का इनामी सुघर सिंह, 25 हजार का इनामी रमेश, 25 लाख का इनामी पप्पू गुर्जर, 30 हजार इनामी रामविलास डकैत को एनकाउंटर में मार गिराने के साथ गैंग के सभी सदस्यों को सफाया भी किया। राष्ट्रपति वीरता पदक के लिए 16 बार नाम जाने के बावजूद इस बहादूर पुलिस अधिकारी को हर बार पदक की जगह निराशा हाथ लगी।

भिंड जिले के रहने वाले हैं अशोक भदौरिया

भदौरिया मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। लेकिन जैसे-जैसे उनके द्वारा डकैतों का सफाया किया गया, वैसे-वैसे उन्हें सिलसिलेवार ठंग से प्रमोशन मिलता गया। पहले प्रधान आरक्षक बने फिर उप निरीक्षक, टीआई और अंत में उप पुलिस अधीक्षक के पद से वह रिटायर्ड हुए। अशोक सिंह भदौरिया मूलतः भिंड जिले के किशनपवरा गांव के रहने वाले हैं। 2002 में भदौरिया पर एक फर्जी मुठभेड़ का भी आरोप लगा। मामला कई दिनों तक विवाद में रहा। उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया लेकिन 2004 में वह बरी कर दिए गए। फिलहाल वह रिटायर हो चुके हैं और समाजसेवा के कार्य में जुटे हुए हैं।

लेडी मुखबिरों की खड़ी की फौज

बताया जाता है कि उस दौर में डकैतों को जंगल में मुजरे सुनने और नाच का बहुत सौख था। डकैत नृत्यंगनाओं को जंगल में बुलवाया करते थे। इसी का फाएदा डीएसपी भदौरिया ने उठाया। उन्होंने लेडी मुखबिरों की फौज खड़ी कर ली। इन्हीं महिलाओं को वह जंगल भेजते और गैंग की सारी जानकारी हासिल करते। इसके बाद वह अपनी डॉलिंग एक-47 को लेकर जंगल में उतर जाया करते थे। जानकार बताते हैं कि महज कुछ सालों के अंदर भदौरिया ने चंबल को डकैत मुक्त बना दिया था, जो बच गए, उन्होंने क्षेत्र छोड़ दिया और पाठा-बीहड़ में अपना ठिकाना बना लिया। कईयों ने मौत के खौफ से सरेंडर भी कर दिया।

Tags: DSP Ashok BhadauriaEncounter SpecialistIPS Amitabh YashMP NewsUP NewsWho is DSP Ashok Bhadauria
Share196Tweet123Share49

Digital Desk

Related Posts

Agra Lucknow Expressway Accident

Road Accident:आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा टला, ग्लूकोज लदे DCM का टायर फटा, ऑक्सीजन टैंकर से जा भिड़ा

by SYED BUSHRA
सितम्बर 5, 2026

Agra Lucknow Expressway Accident:आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। फतेहाबाद थाना क्षेत्र...

Mohanlalganj murder case accused death

UP News: तीन साल पुराने हत्या केस को लेकर परेशान युवक की मौत, रेलवे ट्रैक पर मिला शव

by SYED BUSHRA
सितम्बर 2, 2026

Mohanlalganj murder case accused death: कोतवाली क्षेत्र के पुरसेनी रेलवे क्रॉसिंग के पास बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया,...

UP officers retirement

UP Officers Retirement: यूपी में 21 अफसरों की सेवा पूरी, 3 IAS समेत 10 IPS हुए रिटायर

by SYED BUSHRA
सितम्बर 1, 2026

UP officers retirement:उत्तर प्रदेश में सोमवार, 31 अगस्त को प्रशासन और पुलिस विभाग के कुल 21 अधिकारियों का सेवाकाल पूरा...

UP Relief: बलिया बाढ़ के बीच पहुंचे योगी, बुजुर्ग महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा समेत कई बड़ी बातें बताईं

UP Relief: बलिया बाढ़ के बीच पहुंचे योगी, बुजुर्ग महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा समेत कई बड़ी बातें बताईं

by Kirtika Tyagi
अगस्त 30, 2026

शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने बलिया पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया...

Kanpur Yashi Accident

Raksha Bandhan Tragedy: कानपुर में 25 फीट गहरे गड्ढे में समाई किशोरी , बहनो की आंखों के सामने हुई दर्दनाक मौत

by SYED BUSHRA
अगस्त 29, 2026

 Kanpur Yashi Accident:कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र के पुरवामीर गांव में रक्षाबंधन का त्योहार एक परिवार के लिए जिंदगी भर का...

Next Post
Truke ने लॉन्च किया नया Yoga Beat हेडफोन, म्यूजिक और फिटनेस का Perfect Combination!

Truke ने लॉन्च किया नया Yoga Beat हेडफोन, म्यूजिक और फिटनेस का Perfect Combination!

क्या था यूपी का चर्चित साधना मर्डर केस? जिसमें फंसे बदायूं के 12 थाना प्रभारी

क्या था यूपी का चर्चित साधना मर्डर केस? जिसमें फंसे बदायूं के 12 थाना प्रभारी

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In