बस्ती में 100 दिवसीय टीबी अभियान का निरीक्षण, जागरूकता और इलाज व्यवस्था का लिया जायजा

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चल रहे 100 दिवसीय टीबी अभियान की प्रगति का राज्य स्तरीय अधिकारियों ने बस्ती जिले में निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर आयुष्मान आरोग्य शिविर और पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम में सहयोग मांगा। रेलवे स्टेशन, रोडवेज और गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर टीबी मरीजों की पहचान और रोकथाम पर जोर दिया गया।

Uttar Pradesh:  राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान के तहत राज्य स्तर से नामित अधिकारियों की टीम ने बस्ती जिले का दौरा कर अभियान की प्रगति और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

इस दौरान अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों, आयुष्मान आरोग्य शिविरों और टीबी मरीजों की खोज से जुड़े कार्यों का जायजा लिया।

राज्य स्तरीय अधिकारियों ने किया निरीक्षण

निरीक्षण टीम में राज्य स्तर से नामित डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. उदित मोहन, रजनीकांत पांडेय (एपीओ, केएचपीटी) और रितू पाटिल शामिल रहीं। अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की।

जनप्रतिनिधियों से की मुलाकात

अधिकारियों की टीम ने सांसद रामप्रसाद चौधरी और कप्तानगंज विधायक से मुलाकात कर अभियान की जानकारी साझा की।

साथ ही 13 मई से कप्तानगंज ब्लॉक के पिलखांव गांव में शुरू होने वाले आयुष्मान आरोग्य शिविर के शुभारंभ और पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का अनुरोध भी किया गया।

रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर चलाया जागरूकता अभियान

टीम ने रेलवे स्टेशन और रोडवेज परिसर में पहुंचकर कर्मचारियों को टीबी के प्रति जागरूक किया। जनभागीदारी अभियान के तहत यात्रियों और आम लोगों को भी टीबी के लक्षण, जांच और इलाज के बारे में जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने एनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने पर भी जोर दिया।

आयुष्मान आरोग्य शिविर का किया निरीक्षण

गौर ब्लॉक के सुजिया गांव में आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविर का निरीक्षण मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बस्ती और राज्य स्तरीय अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, जांच व्यवस्था और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई।

24 मार्च से चल रहा है अभियान

स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान 24 मार्च से चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य टीबी के लापता मरीजों की पहचान करना, टीबी से होने वाली मौतों को कम करना और संक्रमण को फैलने से रोकना है।

इस अभियान में पंचायतीराज विभाग, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग और आपूर्ति विभाग समेत कई विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।

टीबी मुक्त भारत की दिशा में प्रयास तेज

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान के जरिए गांव-गांव जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि टीबी मरीजों की जल्द पहचान हो सके और समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सके।

सरकार का लक्ष्य टीबी मुक्त भारत अभियान को और मजबूत बनाते हुए लोगों में जागरूकता बढ़ाना और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।

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