Uttar Pradesh : वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी सक्रिय हो गई है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए कई विकल्पों पर गंभीर मंथन शुरू हो गया है। इनमें ऑनलाइन क्लासेस, वर्क फ्रॉम होम (WFH), वर्चुअल मीटिंग्स और हाइब्रिड वर्क मॉडल जैसे विकल्प शामिल हैं।
PM मोदी ने क्यों की यह अपील?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के दिनों में देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि कोविड काल में भारत ने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लासेस और वर्चुअल मीटिंग्स जैसे विकल्पों को सफलतापूर्वक अपनाया था और अब मौजूदा वैश्विक हालात में फिर उसी तरह के संयम की जरूरत है।
यूपी सरकार किन विकल्पों पर कर रही विचार?
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ-साथ ईंधन खपत के मामले में भी प्रमुख राज्यों में शामिल है। ऐसे में सरकार अब कई बड़े कदमों पर विचार कर रही है।
स्कूलों में ऑनलाइन या हाइब्रिड क्लासेस
सूत्रों के अनुसार प्राथमिक से लेकर हाईस्कूल और कॉलेज स्तर तक कुछ समय के लिए ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड लागू करने पर चर्चा हो रही है। खासतौर पर बड़े शहरों और ट्रैफिक प्रभावित क्षेत्रों में यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।
सरकारी दफ्तरों में WFH मॉडल
सरकारी कार्यालयों में वर्चुअल मीटिंग्स, शिफ्ट सिस्टम और आंशिक वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है ताकि कर्मचारियों की रोजाना यात्रा कम हो सके।
ऑनलाइन सिस्टम के क्या हो सकते हैं फायदे?
सरकार और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सीमित स्तर पर ऑनलाइन क्लासेस और WFH लागू किया जाता है तो इससे कई फायदे हो सकते हैं।
- पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी
- ट्रैफिक जाम से राहत
- प्रदूषण नियंत्रण में मदद
- डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा
- यात्रा खर्च में कमी
इसके अलावा स्कूल बसों, निजी वाहनों और सार्वजनिक परिवहन पर दबाव भी कम हो सकता है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भरोसा
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से मजबूत किया गया है। Smart City Mission, फाइबर नेटवर्क और DIKSHA जैसे प्लेटफॉर्म ऑनलाइन व्यवस्था को सपोर्ट करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
सरकार फिलहाल सभी पहलुओं पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस संबंध में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।










