Akhilesh Yadav Birthday: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उन्हें राजनीतिक दलों, समर्थकों और कई प्रमुख लोगों की ओर से शुभकामनाएं मिल रही हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोशल मीडिया मंच X पर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। मुख्यमंत्री योगी ने अपने संदेश में लिखा, “उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्रीराम से आपके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की प्रार्थना करता हूं।”
राजनीति से ऊपर आपसी सम्मान
उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच लंबे समय से कड़ा राजनीतिक मुकाबला रहा है। दोनों दलों के नेता अक्सर एक-दूसरे की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाते हैं। इसके बावजूद जन्मदिन जैसे निजी अवसरों पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देना यह दिखाता है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान भी अपनी अहमियत रखता है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में 5 जून को अपना 55वां जन्मदिन मनाया था।
सबसे युवा मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड
समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद पार्टी की पूरी जिम्मेदारी अब अखिलेश यादव के कंधों पर है। आने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी को फिर से सत्ता तक पहुंचाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। साल 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बहुमत हासिल किया था। उस समय मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री पद अपने बेटे अखिलेश यादव को सौंपकर सभी को चौंका दिया था। चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश की सादगी, युवा सोच और नई छवि को लोगों ने खूब पसंद किया। इसी के साथ वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 तक मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभाली।
ऐसा रहा राजनीतिक सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था। वह मुलायम सिंह यादव और मालती देवी की इकलौती संतान हैं। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट और फुटबॉल खेलने का शौक था। खेल के दौरान एक बार उनकी नाक पर चोट भी लगी थी। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई सैफई और इटावा में की। इसके बाद राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल से शिक्षा हासिल की। आगे चलकर कर्नाटक की मैसूर यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
साल 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट के उपचुनाव में जीत हासिल कर उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की और आज वह समाजवादी पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं।
