OP Rajbhar Allegation:भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगातार साजिशें की जा रही हैं। राजभर ने दावा किया कि उनके बड़े बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉ. अरविंद राजभर पर कई बार हमले की कोशिश हो चुकी है। उन्होंने बेटे की जान को खतरा बताते हुए जल्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने की बात कही है।
बेटे की सुरक्षा की चिंता
ओपी राजभर के मुताबिक वह मुख्यमंत्री से मिलकर डॉ. अरविंद राजभर की सुरक्षा और बढ़ाने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि बेटे को पहले भी निशाना बनाने की कोशिशें हुई हैं। इसी वजह से परिवार और पार्टी दोनों सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। राजभर ने कहा कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
कार्यालय में हंगामे का दावा
राजभर ने बुधवार को पार्क रोड स्थित पार्टी कार्यालय में हुई घटना का भी जिक्र किया। उनके अनुसार राशिद अली नाम के एक व्यक्ति ने वहां पिस्तौल लहराई, गाली-गलौच की और जान से मारने की धमकी दी। राजभर ने आरोप लगाया कि वह व्यक्ति शातिर शूटर है और मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। उन्होंने दावा किया कि उसके कई आपराधिक गिरोहों से संबंध रहे हैं।
भाजपा के साथ आने पर निशाना
ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि भाजपा के साथ आने के बाद से ही वह सपा से जुड़े माफिया और गुंडों के निशाने पर हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि क्या पार्टी कार्यालय में हुई यह घटना उनके कहने पर हुई। राजभर ने कहा कि दबाव और गुंडागर्दी से राजनीति चल सकती है, लेकिन लोकतंत्र नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि वह महाराजा सुहेलदेव के वंशज हैं और ऐसे दबाव से डरने वाले नहीं हैं। राजभर ने अपने कार्यकर्ताओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि वे भी किसी डर के सामने झुकने वाले नहीं हैं।
अरविंद ने मांगा जवाब
दूसरी ओर डॉ. अरविंद राजभर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अखिलेश यादव से सीधे सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या सपा प्रमुख के खिलाफ राजनीतिक बयान देने के लिए भी उनकी पार्टी से अनुमति लेना जरूरी है। अरविंद ने कहा कि अगर पार्टी कार्यालय में हुई घटना अखिलेश यादव की जानकारी में नहीं थी, तो उन्हें इसकी खुलकर निंदा करनी चाहिए।
फिलहाल राजभर परिवार की ओर से सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की बात कही गई है। वहीं, लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।







