Akhilesh Yadav Targets Government: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में अब एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यह मुकदमा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
एफआईआर दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए शायराना अंदाज में सरकार पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने लिखा, “भाजपा राज में नाइंसाफी की ऐसी तस्वीर दिखेगी, जहां ऊपर बैठे लोगों को राहत मिलेगी और छोटे लोगों पर कार्रवाई होगी।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल फिर गर्म हो गया है।
SIT जांच पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने दावा किया कि जनता के बीच यह चर्चा है कि पहले SIT जांच के नाम पर सबूतों को खत्म किया गया होगा। इसके बाद यह तय किया गया होगा कि किन लोगों को बचाना है और किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे जांच से पहले ही नतीजे तय कर लिए गए थे और बाद में उसी दिशा में जांच आगे बढ़ाई गई।
वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम नहीं
ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव जैसे वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं। विपक्षी दल लंबे समय से कथित चढ़ावा विवाद को लेकर इन नामों पर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में एफआईआर में उनके नाम नहीं होने के बाद विपक्ष ने फिर से सरकार और ट्रस्ट पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
जांच के लिए बनी थी SIT
राम मंदिर में चढ़ावे की रकम को लेकर कथित अनियमितताओं और गबन के आरोप सामने आने के बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। इस टीम को पूरे मामले की गहराई से जांच करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
50 से अधिक लोगों से हुई पूछताछ
जानकारी के मुताबिक, SIT ने लगातार छह दिनों तक मंदिर परिसर और उससे जुड़े विभिन्न स्थानों का दौरा किया। इस दौरान मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों, ट्रस्ट से जुड़े लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों सहित 50 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए गए। जांच टीम ने कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी पड़ताल की।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल पुलिस और SIT की टीम मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है। वहीं, विपक्ष लगातार जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में अब सभी की नजर जांच के अगले चरण और अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों पर टिकी हुई है।









