UP Water Park Accident: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक निर्माणाधीन वाटर पार्क में नहाने के दौरान सात साल के बच्चे की डूबकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दुख और गुस्से का माहौल है। परिवार वालों का कहना है कि अगर वहां सुरक्षा के इंतजाम होते, तो शायद बच्चे की जान बच सकती थी।
चाचा के साथ गया था बच्चा
अलापुर थाना क्षेत्र के भसराला गांव निवासी जफर का सात वर्षीय बेटा हसनैन शनिवार दोपहर अपने चाचा के साथ गांव में बने रॉयल वाटर पार्क गया था। बताया जा रहा है कि पार्क अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ था, लेकिन वहां लोग नहाने और घूमने के लिए पहुंच रहे थे। इसी दौरान हसनैन खेलते-खेलते गहरे पानी में चला गया और डूब गया।
परिवार ने कर दिया था अंतिम संस्कार
हादसे के बाद परिवार सदमे में आ गया। बच्चे के शव को बिना पुलिस कार्रवाई के सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अगले दिन परिजनों ने मामले की शिकायत प्रशासन से की। मामला सामने आते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया।
डीएम ने बनाई जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए बदायूं के डीएम Avnish Rai ने जांच के आदेश दिए। तहसीलदार दीपक कुमार और सीओ दातागंज राहुल पांडेय की दो सदस्यीय टीम बनाई गई। टीम गांव के कब्रिस्तान पहुंची और परिवार की सहमति से बच्चे के शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
वाटर पार्क सील, केस दर्ज
प्रशासन ने निर्माणाधीन रॉयल वाटर पार्क को सील कर दिया है। पुलिस ने पार्क मालिक और केयरटेकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में केयरटेकर को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। वहीं लापरवाही को लेकर अलापुर थाना प्रभारी और हल्का प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल
स्थानीय लोगों के मुताबिक यह स्विमिंग पूल शुरुआत से ही सवालों के घेरे में था। करीब 45 दिन पहले ही इसे लोगों के लिए खोला गया था। रोजाना यहां 100 से 150 लोग घूमने और फोटो खिंचवाने आते थे। इसके बावजूद सुरक्षा के नाम पर कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं थी।
न लाइफ जैकेट, न गोताखोर
वाटर पार्क में न तो लाइफ जैकेट मौजूद थीं और न ही कोई प्रशिक्षित गोताखोर तैनात था। बच्चों की सुरक्षा के लिए भी कोई अलग निगरानी नहीं थी। लोगों का कहना है कि संचालकों ने भीड़ तो जुटा ली, लेकिन सुरक्षा नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया। इसी लापरवाही का नतीजा एक मासूम की मौत के रूप में सामने आया।
प्रशासन पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिना पूरी सुरक्षा व्यवस्था और अनुमति के आखिर निर्माणाधीन वाटर पार्क कैसे चल रहा था। अब प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और आगे सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।
