लखनऊ ऑनलाइन डेस्क। वह किसी की नहीं सुनती अर्जी। खुद को दबंग के सलमान खान खान बताती हैं और थाने में खुद की मनमर्जी चलाती हैं। अगर किसी ने प्रश्न किया, कानून का ज्ञान दिया तो उन्नाव की लेडी सिंघम पहले मुंह से धुआंधार गालियों की बौछार कर देती हैं। लेडी सिंघम की दबंगई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद एसपी ने जांच बैठा दी।
उन्नाव में तैनात लेडी दरोगा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ये वीडियो उन्नाव सदर कोतवाली में तैनात महिला दरोगा उमा अग्रवाल का बताया जा रहा है। जिसमें दरोगा बुजुर्ग महिला को अंगुली दिखाते हुए धमकी देते हुए नजर आ रही हैं। वह बुजुर्ग महिला से कहती हैं इतना जूता लगाएंगे की शक्ल भूल जाओगी। तुम्हारे बाप के नौकर नहीं है समझ गई तुम।
इस दौरान किसी ने लेडी दरोगा का वीडियो बना लिया। मामला एसपी जयप्रकाश सिंह तक पहुंचा तो उन्होंने सीओ दीपक यादव को जांच सौंप दी। कहा जांच रिपोर्ट के आधार पर महिला दरोगा पर एक्शन लेंगे। दरअसल, बंदूहार गांव की रहने वाली रिंकी ने डकौली गांव में रहने वाले पति अमित कुमार, सास छेदाना, ससुर प्रेम, देवर विशाल और ननद पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करवाया है।
उमा अग्रवाल इसी की जांच करने के लिए 28 नवंबर की शाम रिंकी के साथ डकौली गांव पहुंचीं थीं। वहां रिंकी की सास छेदाना देवी (60) और उमा अग्रवाल के बीच बहस हो गई। छेदाना देवी ने कहा पुलिस वाले बार-बार परेशान कर रहे थे। एक कागज पर साइन करने के लिए कह रहे थे। मैंने मना किया तो पुलिस मैडम भड़क गईं। कहा इतना जूता लगाएंगे की शक्ल भूल जाओगी।
मामले पर कोतवाली पुलिस का कहना है कि जब उमा अग्रवाल वहां कार्रवाई के लिए गई थीं तो लोग आक्रोशित हो गए। जोर-जोर से चिल्लाने लगे। रिंकी पर हमला करने की भी कोशिश की। ऐसी में हंगामा बढ़ता देख उमा अग्रवाल ने डांट-फटकार कर मामले को शांत कराया।
पुलिस का कहना है कि वीडियो पूरे घटनाक्रम को नहीं दिखाता, बल्कि केवल एक छोटा हिस्सा रिकॉर्ड किया गया है। डकौली गांव में किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की गई। बल्कि मुकदमे से जुड़े लोगों को शांत कराना जरूरी हो गया था। वहीं, ग्रामीणों ने अफसरों से दरोगा उमा अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने और बुजुर्ग महिला से माफी मांगने की मांग की है।
महिला दरोगा उमा अग्रवाल 2 साल पहले रायबरेली से ट्रांसफर होकर उन्नाव आई थीं। इसके बाद उन्हें शहर कोतवाली की कांशीराम और फिर मगरवारा पुलिस चौकी में इंचार्ज की तैनाती मिली। एक मामले में लापरवाही पाए जाने पर लाइन हाजिर भी किया गया था। इसके बाद सदर कोतवाली में उन्हें इसी साल मार्च में तैनाती मिली।










