Fake Bail Bonds: गंभीर अपराधों के आरोपियों की जमानत के री-वेरिफिकेशन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। बाराबंकी में जांच के दौरान ऐसे कई जमानतदार सामने आए, जो रिक्शा चालक या मजदूर हैं और कथित तौर पर चंद रुपये के लालच में अपनी जमीन के दस्तावेज कई आरोपियों की जमानत में इस्तेमाल कर रहे थे। पिछले दो महीनों में ऐसे 43 मामलों में जमानतदारों ने जमानत देने से इनकार कर दिया।
एक ही जमीन पर कई आरोपियों की जमानत
जमानत सेल की जांच में सामने आया कि गंभीर मामलों में आरोपी कई बार एक ही जमीन के दस्तावेजों के सहारे जमानत लेने की कोशिश कर रहे थे। एक मामले में गैंगस्टर एक्ट के आरोपी की जमानत के लिए दो रिक्शा चालकों ने अपनी जमीन के कागजात लगाए। पूछताछ में दोनों ने बताया कि इसी जमीन पर पहले भी तीन अन्य आरोपियों की जमानत दी जा चुकी है। उन्होंने आरोपी को जानने से इनकार करते हुए बाद में जमानतदार बनने से मना कर दिया।
लालच में लगाए दस्तावेज
चोरी के एक आरोपी की जमानत के सत्यापन में पता चला कि जमानतदार खुद आठ मुकदमों में आरोपी है और उसका संबंध आरोपी के गिरोह से बताया गया। एक अन्य मादक पदार्थ मामले में दो लोगों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उन्होंने कथित प्रलोभन में आकर जमानत के लिए अपने दस्तावेज दिए थे। बाद में दोनों ने अभिलेख वापस लेकर जमानत से इनकार कर दिया।
पेशेवर जमानतदारों पर कार्रवाई
एसपी के मुताबिक, जिले में फर्जी दस्तावेज और बार-बार जमानत लेने वाले पेशेवर जमानतदारों के मामले सामने आए हैं। पिछले तीन वर्षों में कोतवाली नगर, देवा और जहांगीराबाद थानों में ऐसे मामलों में मुकदमे भी दर्ज हुए हैं। गोहत्या, गैंगस्टर, एनडीपीएस, लूट और पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों में जमानतदारों का सत्यापन कराया जा रहा है। जांच के दौरान कई लोगों के बार-बार जमानत देने की बात सामने आई है।









