Kanpur rape case: कानपुर के सचेंडी इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां सोमवार रात शौच के लिए निकली 14 वर्षीय छात्रा को स्कॉर्पियो सवार दबंगों ने अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि जिस वक्त आरोपी किशोरी के साथ हैवानियत कर रहा था, कार में इलाके का एक दारोगा भी मौजूद था। पीड़िता के भाई का दावा है कि जब वह शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंचा, तो दारोगा की संलिप्तता सुनते ही पुलिसकर्मियों ने उसे दुत्कार कर भगा दिया। मंगलवार को भारी दबाव के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज की है, लेकिन आरोपी की पुलिस से करीबी और तेल चोरी के काले कारोबार में संलिप्तता ने महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का विवरण
पीड़िता कक्षा सात की छात्रा है जिसके माता-पिता की स्थिति ठीक नहीं है। सोमवार रात करीब 12 बजे जब वह बदहवास हालत में घर लौटी, तो उसने आपबीती सुनाई। पीड़िता के अनुसार:
उसे एक काले रंग की स्कॉर्पियो में जबरन घसीटा गया।
रेलवे लाइन के किनारे उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
घटना के समय गाड़ी में कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी (दारोगा) भी बैठा हुआ था।
आरोपी का प्रोफाइल और पुलिस का संरक्षण
स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य आरोपी क्षेत्र का कुख्यात ‘तेल माफिया’ है, जो टैंकरों से तेल चोरी करने वाले गिरोह का संचालन करता है। गिरफ्तारी से बचने और धौंस जमाने के लिए उसने एक यू-ट्यूब चैनल का सहारा लेकर खुद को पत्रकार घोषित कर रखा है।
आरोप है कि वह पुलिसकर्मियों को अवैध सुविधाएं और शराब मुहैया कराता है, जिसके बदले उसे संरक्षण मिलता है। यही कारण है कि घटना के तुरंत बाद जब भाई चौकी पहुंचा, तो उसे न्याय देने के बजाय भगा दिया गया।
जिले में बढ़ते अपराध के आंकड़े
कानपुर में महिलाओं के खिलाफ अपराध की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि दुष्कर्म और अपहरण जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है:
| अपराध श्रेणी | 2023 | 2024 | 2025 (अब तक) |
| दुष्कर्म | 78 | 97 | 104 |
| पॉक्सो (POCSO) | 240 | 183 | 223 |
| अपहरण | 249 | 307 | 322 |
| दहेज हत्या | 42 | 49 | 44 |
वर्तमान स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी वेस्ट, दिनेश त्रिपाठी के अनुसार, पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वर्तमान में पुलिस निम्नलिखित कदम उठा रही है:
क्षेत्र में पंजीकृत सभी काले रंग की स्कॉर्पियो का डेटा खंगाला जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्ध वाहन की पहचान की कोशिश जारी है।
दारोगा की उपस्थिति के आरोपों की जांच के लिए विभागीय स्तर पर पूछताछ की जा रही है।
“कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता पाई गई, तो कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।” – पुलिस प्रशासन










