Lucknow Fire Tragedy: धुएं और लापरवाही ने ली 15 जिंदगियां, सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल,जांच के लिए SIT गठित

लखनऊ के अलीगंज स्थित एनिमेशन सेंटर में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई और 9 लोग घायल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुआवजे का ऐलान किया है और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।

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Lucknow Coaching Center Fire Update: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। एक बहुमंजिला इमारत में संचालित एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही अधिकारियों को पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।

मृतकों और घायलों की पहचान

प्रशासन ने मृतकों की पहचान सागर, निलेश, अनामिका, सायम, अनुष्का, सुदक्ष्मी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, माहेजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमैया के रूप में की है।

घायलों में जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आरिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेन्द्र, अभिषेक, पंकज जोशी और गौरव कुमार शामिल हैं। सभी का इलाज केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में किया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत में आपातकालीन निकास या वैकल्पिक सीढ़ी की व्यवस्था नहीं थी। आग लगने के बाद मुख्य सीढ़ियां धुएं और आग की चपेट में आ गईं, जिससे ऊपर मौजूद लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया। कई छात्र जान बचाने के लिए खिड़कियों, छज्जों और बिजली के केबलों का सहारा लेकर नीचे उतरे।

बचाव दल को अंदर पहुंचने के लिए इमारत की दीवार तोड़नी पड़ी। शुरुआती समय में जरूरी मशीनें उपलब्ध न होने से राहत कार्य प्रभावित हुआ। घने धुएं के कारण बचावकर्मियों को अंदर जाने में भी काफी परेशानी हुई।

धुएं ने बढ़ाई त्रासदी

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कई लोगों की मौत आग से ज्यादा धुएं और दम घुटने की वजह से हुई। कुछ लोग कमरों और बाथरूम में फंस गए थे। राहतकर्मियों ने गीले कंबलों और स्ट्रेचर की मदद से कई लोगों को बाहर निकाला।

तीन मंजिला इमारत में हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक यह तीन मंजिला इमारत थी। पहली मंजिल पर पालतू जानवरों की दुकान संचालित होती थी। दूसरी मंजिल पर ग्राफिक और एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर था, जबकि सबसे ऊपर लाइब्रेरी चलती थी। आग दूसरी मंजिल पर लगी और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई।

जांच के लिए SIT गठित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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