Meerut Kapsad Murder Case:उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का कपसाड़ कांड इन दिनों पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के कथित अपहरण ने सभी को हैरान कर दिया है। लोग लगातार यह जानना चाहते हैं कि आखिर इस घटना के पीछे की सच्चाई क्या है, महिला की मौत कैसे हुई और युवती के साथ वास्तव में क्या हुआ।
आरोपी और युवती कोर्ट में पेश
पुलिस ने 11 जनवरी को आरोपी पारस सोम और युवती को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पारस सोम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इसके बाद से ही इस मामले में लगातार नए बयान सामने आ रहे हैं। अब आरोपी के वकीलों और मेरठ के एसएसपी के बयान चर्चा में हैं।
वकीलों ने रिश्ते को बताया पुराना
आरोपी पारस सोम के वकील बलराम सोम और विक्रांत गोस्वामी ने कोर्ट से बाहर मीडिया से बात की। वकीलों का कहना है कि पारस और युवती पिछले ढाई से तीन साल से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच आपसी सहमति से रिश्ता था। आरोपी का दावा है कि उसने लड़की का अपहरण नहीं किया, बल्कि दोनों अपनी मर्जी से साथ गए थे।
मां की मौत पर आरोपी का दावा
वकीलों के मुताबिक, पारस ने कोर्ट में खुद को निर्दोष बताया है। उसका कहना है कि वह पिछले दो दिनों से ठीक से सो भी नहीं पाया और मानसिक दबाव में है। महिला की मौत को लेकर पारस ने दावा किया कि छीना-झपटी के दौरान गलती से धारदार हथियार, जिसे बनकटी बताया जा रहा है, महिला को लग गया। उसी चोट की वजह से उनकी जान चली गई।
युवती का बयान भी आया सामने
पारस के दूसरे वकील विक्रांत गोस्वामी ने बताया कि युवती को दूसरे कोर्ट में पेश किया गया था। वकील का दावा है कि युवती ने कोर्ट में कहा कि वह भी पिछले दो-तीन साल से पारस के साथ रिश्ते में थी। उसने यह भी बताया कि पारस ने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया। युवती ने मां की मौत को भी छीना-झपटी के दौरान लगी चोट बताया है।
पुलिस की कार्रवाई और एसएसपी का बयान
मेरठ एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि 8 जनवरी को हुई इस घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। 60 घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और युवती को सुरक्षित बरामद किया गया। इसके लिए पुलिस की 10 से ज्यादा टीमें बनाई गई थीं, जिन्होंने चार राज्यों के सात जिलों में दबिश दी।
मेडिकल रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई
एसएसपी ने बताया कि युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए गए हैं। परिजनों द्वारा लगाए गए रेप के आरोपों पर उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट और कोर्ट में दर्ज बयानों के आधार पर ही आगे की धाराएं जोड़ी जाएंगी। पुलिस सभी सबूत वैज्ञानिक तरीके से जुटा रही है ताकि सच्चाई साफ हो सके।









