Uttar Pradesh: कहीं खेत तो कहीं मंदिर परिसर में दिखा तेंदुआ, मुरादाबाद के गांवों में बना खौफ का माहौल

मुरादाबाद के कई गांवों में तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत है। सैरकपुर में तेंदुए ने घोड़ी पर हमला किया, जबकि सलेमपुर में एक तेंदुआ पिंजरे में पकड़ा गया। अब तक मुरादाबाद रेंज में नौ तेंदुओं को रेस्क्यू किया जा चुका है। वन विभाग सेंसर, थर्मल ड्रोन और ट्रैप केज के जरिए निगरानी बढ़ा रहा है।

मुरादाबाद के ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार शाम सैरकपुर गांव में गन्ने के खेत से निकले एक तेंदुए ने आम के बाग में बंधी घोड़ी पर हमला कर दिया। घोड़ी की आवाज सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे, जिसके बाद तेंदुआ गन्ने के खेत में भाग गया।

घोड़ी पर अचानक झपटा तेंदुआ

ग्रामीणों के मुताबिक, सैरकपुर निवासी शीशपाल यादव अपनी घोड़ी को आम के बाग में रस्सी से बांधकर चरा रहे थे। शीशपाल कुछ दूरी पर बैठे हुए थे। इसी दौरान गन्ने के खेत से अचानक तेंदुआ निकला और घोड़ी पर झपट पड़ा।

घोड़ी के हिनहिनाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों को आता देख तेंदुआ घोड़ी को छोड़कर वापस गन्ने के खेत में भाग गया।

सलेमपुर में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ

तेंदुआ प्रभावित कांठ क्षेत्र के सलेमपुर गांव में सोमवार को वन विभाग की ओर से लगाए गए ट्रैप केज में एक और तेंदुआ फंस गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा इंतजामों के बीच तेंदुए को कब्जे में लिया।

डीएफओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि सलेमपुर और आसपास के इलाकों में तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी के तहत ट्रैप केज लगाया गया था।

तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग के अनुसार, 3 अगस्त से अब तक मुरादाबाद रेंज में नौ तेंदुओं को रेस्क्यू किया जा चुका है।

पकड़े गए तेंदुओं को डियर पार्क में रखा गया

मुरादाबाद वन क्षेत्र के रेंजर राजेश शर्मा ने बताया कि पकड़े गए तीन तेंदुओं को फिलहाल डियर पार्क में रखा गया है। इन्हें चिड़ियाघर भेजने का फैसला प्रधान मुख्य वन संरक्षक के आदेश के बाद लिया जाएगा।

वन विभाग का कहना है कि तेंदुओं की गतिविधियों वाले इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार पिंजरे भी लगाए जा रहे हैं।

तेंदुओं की निगरानी के लिए तकनीक का सहारा

तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग अब पारंपरिक तरीकों के साथ तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहा है। प्रभावित इलाकों में सौर ऊर्जा से चलने वाली स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली लगाई गई है।

सेंसर आधारित यह उपकरण किसी जंगली जानवर की गतिविधि महसूस होते ही तेज आवाज और चमकती रोशनी के जरिए उसे आबादी और खेतों से दूर भगाने की कोशिश करता है।

वन विभाग ने ग्रामीणों को दी सावधानी बरतने की सलाह

तेंदुओं की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को रात के समय अकेले खेतों या सुनसान इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

विभाग ने अंधेरा होने के बाद अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने और समूह में ही बाहर जाने की सलाह दी है।

Exit mobile version