Padma Awards 2026 Ceremony:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-2 में वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर देश के अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई हस्तियों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किया गया। समारोह में उत्तर प्रदेश की कई जानी-मानी हस्तियों को भी राष्ट्रीय सम्मान मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सभी सम्मानित लोगों को बधाई दी और उनके योगदान की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों ने अपने कार्यों से प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।
चिरंजी लाल यादव को मिला पद्म श्री
कांसा नक्काशी कला को नई पहचान दिलाने वाले चिरंजी लाल यादव को पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि पिछले कई दशकों से उन्होंने इस पारंपरिक कला को संजोने और आगे बढ़ाने का काम किया है। उनके प्रयासों से यह कला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में सफल रही है। सीएम ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगी।
रघुपत सिंह को मरणोपरांत सम्मान
कृषि क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले स्वर्गीय रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्म श्री सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों और खेती की बेहतरी के लिए समर्पित किया। पारंपरिक बीजों के संरक्षण और जैव विविधता को बचाने में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उनकी मेहनत और समर्पण आने वाले वर्षों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
अनिल रस्तोगी के योगदान को मिली पहचान
प्रसिद्ध रंगकर्मी और विद्वान अनिल कुमार रस्तोगी को भी पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने रंगमंच और भारतीय संस्कृति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक हजार से अधिक नाट्य प्रस्तुतियों और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय कला का प्रतिनिधित्व कर उन्होंने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनके शोध और शैक्षणिक कार्य भी काफी सराहनीय माने जाते हैं।
मंगला कपूर को भी मिला राष्ट्रीय सम्मान
साहित्य, संगीत और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रोफेसर मंगला कपूर को भी पद्म श्री सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने संगीत की दुर्लभ परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। दुर्लभ रागों के दस्तावेजीकरण और कई मौलिक रचनाओं के संग्रह के माध्यम से उन्होंने भारतीय संगीत को समृद्ध बनाया है। यह सम्मान उनकी वर्षों की साधना और समर्पण का सम्मान है।
प्रदेश के लिए गौरव का क्षण
पद्म पुरस्कार 2026 में उत्तर प्रदेश की इन चार हस्तियों को सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है। उनके कार्यों ने न केवल अपने-अपने क्षेत्रों को नई दिशा दी, बल्कि देश की सांस्कृतिक, शैक्षणिक और कृषि विरासत को भी मजबूत किया है।









