Pilibhit Tiger Reserve Wildlife Conservation:12 सितंबर 2026, पीलीभीत टाइगर रिजर्व के मुस्तफाबाद में वन्यजीव संरक्षण के जमीनी प्रहरियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। तराई क्षेत्र में Environment Warriors के 10वें वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बाघ मित्रों, वनकर्मियों, गाइड्स और ड्राइवर्स को सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन श्री माँ पीताम्बरा बगलामुखी सिद्धि पीठ उत्तराखंड ट्रस्ट के सहयोग से किया गया।

140 बाघ मित्रों का सम्मान और वनकर्मियों को सुरक्षा सामग्री
कार्यक्रम में बाघ और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा में योगदान देने वाले 140 बाघ मित्रों को प्रशस्ति-पत्र, टॉर्च और साड़ी देकर सम्मानित किया गया। जंगल में कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले वनकर्मियों को 50 रेनकोट और 10 मेडिकल व फर्स्ट-एड किट भी दी गईं। वन्यजीव पर्यटन से जुड़े गाइड्स और ड्राइवर्स को भी सम्मानित किया गया।
बाघ मित्रों को बीमा, रोजगार और उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान राशि मिलेगी
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि अक्टूबर 2026 में Wildlife Week के दौरान विशेष बीमा शिविर लगाया जाएगा। इसके जरिए पात्र बाघ मित्रों को 5 लाख रुपये का जीवन बीमा और 2 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा। अगले साल पांच सर्वश्रेष्ठ बाघ मित्रों को 25-25 हजार रुपये की सम्मान राशि भी दी जाएगी।
बाघ मित्रों और अन्य पात्र संरक्षण सहयोगियों के बायोडाटा जुटाकर उन्हें उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर रोजगार से जोड़ने की पहल भी होगी। किसी बाघ मित्र या संरक्षण सहयोगी की असमय मृत्यु होने पर परिवार को यथासंभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया।

सुब्बैया नल्लामुथु बनाएंगे पीलीभीत और तराई के वन्यजीवों पर फिल्म
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय Wildlife Filmmaker सुब्बैया नल्लामुथु ने पीलीभीत और तराई क्षेत्र पर फिल्म बनाने की घोषणा की। उन्हें फिल्म निर्माण की अनुमति दी गई है। डॉ. सिंह ने बताया कि नल्लामुथु को वन्यजीव फिल्म निर्माण में पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है।
प्रस्तावित फिल्म में पीलीभीत के बाघ, तेंदुए, जंगल, घास के मैदान, जैव विविधता, संरक्षण प्रयास और स्थानीय समुदायों की भूमिका दिखाई जाएगी। इससे जिम्मेदार Wildlife Tourism को बढ़ावा मिलने और स्थानीय युवाओं, गाइड्स, ड्राइवर्स, Homestays व ग्रामीण कारोबारियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
अत्याधुनिक तेंदुआ रेस्क्यू सेंटर से मानव-वन्यजीव संघर्ष पर लगेगा अंकुश
DFO पीलीभीत मनीष सिंह, IFS ने बताया कि जिले में अत्याधुनिक Leopard Rescue Centre जल्द शुरू किया जाएगा। केंद्र में तेंदुओं के रेस्क्यू, उपचार, पुनर्वास और वैज्ञानिक प्रबंधन की सुविधाएं मजबूत होंगी। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी इससे तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
पीलीभीत को अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव पर्यटन केंद्र बनाने पर जोर

पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान ने कहा कि पीलीभीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और टाइगर रिजर्व को देश के सर्वश्रेष्ठ रिजर्व में शामिल कराने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार Wildlife Tourism से स्थानीय युवाओं को रोजगार और ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय मिल सकती है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने वन्यजीव संरक्षण और हितधारकों के कल्याण के लिए शासन को भेजे गए 10 लाख रुपये के प्रस्ताव की प्रभावी पैरवी का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग बाघों और जंगलों की रक्षा करते हैं, उनकी सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक मजबूती भी हमारी जिम्मेदारी है।





