Ram Mandir Land Case New Twist: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित जमीन मामले में नए दस्तावेज विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दिए हैं। गुरुवार को लखनऊ में उन्होंने एसआईटी प्रमुख विजय विश्वास पंत से मुलाकात कर यह दस्तावेज दिए। संजय सिंह का दावा है कि उनके पास 13 जमीनों से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं, जिनमें जमीन की खरीद-बिक्री में कथित गड़बड़ियों के संकेत मिलते हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ मामले आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए कुल 11 सेट दस्तावेज जांच एजेंसी को दिए गए हैं।
जमीन खरीद पर उठाए सवाल
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ जमीनों की खरीद ऐसे दामों पर की गई, जो सामान्य कीमत से कहीं अधिक थे। उन्होंने दावा किया कि एक नजूल भूमि, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई गई, उसे 24 करोड़ रुपये में खरीदा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जमीन की खरीद-बिक्री नियमों के तहत संभव नहीं थी, उसे आखिर किस आधार पर खरीदा गया। सांसद ने कहा कि इस संबंध में कई दस्तावेज एसआईटी को उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिनकी जांच अब एजेंसी करेगी।
पूर्व मेयर और अन्य लोगों का भी जिक्र
आप सांसद ने कहा कि कुछ दस्तावेजों में उस समय के अयोध्या मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और उनके रिश्तेदारों से जुड़े नाम भी सामने आते हैं। उनका कहना है कि इन कागजात के आधार पर पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल एसआईटी सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है।
जमीन सौदों को लेकर लगाए गंभीर आरोप
संजय सिंह ने दावा किया कि वर्ष 2021 में कुछ जमीनों की खरीद और बिक्री बहुत कम समय के अंतराल में हुई। उनके अनुसार, पहले जमीन एक निश्चित कीमत पर खरीदी गई और कुछ ही मिनटों बाद उसे कई गुना अधिक कीमत पर आगे बेच दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे सौदों से मंदिर ट्रस्ट को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। सांसद ने कहा कि जिन दस्तावेजों का पहले भी जिक्र किया गया था, उन्हें अब औपचारिक रूप से जांच एजेंसी को सौंप दिया गया है।
चढ़ावे और जमीन सौदों की जांच
संजय सिंह ने कहा कि वह लंबे समय से इस पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि मंदिर से जुड़े दान, चढ़ावे और जमीन लेन-देन में भी अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है, इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है। एसआईटी पहले ही अपनी शुरुआती रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप चुकी है और अब नए दस्तावेजों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
जांच पर टिकी हैं निगाहें
राम मंदिर से जुड़े इस मामले में अब सभी की नजर एसआईटी की जांच पर है। संजय सिंह द्वारा दिए गए दस्तावेजों के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में कहीं कोई नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। आने वाले दिनों में एसआईटी की जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले की तस्वीर और साफ कर सकती है।









