STF Encounter: अंबेडकर नगर में एक लाख का इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर, कई राज्यों में हत्या और डकैती के दर्ज थे गंभीर मामले

अंबेडकर नगर में एसटीएफ मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश विक्की उर्फ आसिम अली मारा गया। उसके खिलाफ हत्या, डकैती और लूट के 21 मामले दर्ज थे तथा कई मामलों में उसे सजा भी मिल चुकी थी।

STF Encounter Ambedkar Nagar

Ambedkar Nagar STF Encounter: उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने मंगलवार तड़के अंबेडकर नगर में मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये के इनामी बदमाश विक्की उर्फ आसिम अली उर्फ नशरे हसन उर्फ पेंदा को मार गिराया। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से कई गंभीर अपराधों में वांछित था और वर्ष 2006 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। उस पर हत्या, डकैती, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन मामले दर्ज थे।

पूरे परिवार को बनाता था निशाना

एसटीएफ के मुताबिक विक्की कुख्यात छेमार गैंग का सक्रिय सदस्य था। यह गिरोह रात के समय सुनसान इलाकों में घरों को निशाना बनाता था। वारदात के दौरान पूरे परिवार को बंधक बना लिया जाता था और विरोध करने पर बेरहमी से हमला किया जाता था। जरूरत पड़ने पर हत्या करने से भी यह गिरोह पीछे नहीं हटता था। पुलिस का दावा है कि विक्की और उसके साथियों ने अब तक कम से कम छह लोगों की हत्या की और 29 से ज्यादा लोगों को गंभीर रूप से घायल किया।

कई जिलों में फैला था आतंक

पुलिस के अनुसार वर्ष 2013 में सुल्तानपुर में डकैती के दौरान एक महिला की हत्या के बाद उसका नाम प्रमुखता से सामने आया। इसके बाद अप्रैल 2014 में जौनपुर के शाहगंज में डकैती के दौरान एक ही परिवार के कई लोगों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी तिहरे हत्याकांड के बाद विक्की पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया।

इसके बाद वर्ष 2015 में कौशांबी के कोखराज में डकैती के दौरान एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई और उनकी पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। कुछ ही दिनों बाद मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र में भी गिरोह ने कई घरों में डकैती की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार कानपुर देहात में भी एक डकैती और हत्या के मामले में उसका नाम सामने आया था।

कई मामलों में हो चुकी थी सजा

विक्की के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों में कुल 21 मुकदमे दर्ज थे। उसके खिलाफ सुल्तानपुर, जौनपुर, कौशांबी, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, बाराबंकी, कानपुर देहात, लखनऊ, अंबेडकर नगर, अंबाला और पंचकूला सहित कई जिलों में मामले दर्ज थे। बाराबंकी के दो मामलों और हरियाणा के एक मामले में अदालत उसे सजा भी सुना चुकी थी। गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में भी वह दोषी ठहराया जा चुका था। एसटीएफ का कहना है कि उसकी मौत के साथ लंबे समय से सक्रिय एक खतरनाक अपराधी का अंत हुआ है। पुलिस अब उसके गैंग के बाकी सदस्यों और उनसे जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

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