Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की गरिमा और भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरेली में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर पायल रानी ने अपने पति गुलशन और ससुराल के छह सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया है। पायल का आरोप है कि 2022 में हुई शादी के बाद से ही उन्हें 10 लाख रुपये और कार के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। दूसरी ओर, आरोपी पति गुलशन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक भावुक दावा किया है। गुलशन के अनुसार, उसने अपनी दिन-रात की मेहनत और कमाई से पायल को पढ़ा-लिखाकर इस मुकाम तक पहुँचाया, लेकिन पद मिलते ही पत्नी ने उसे झूठे केस में फंसा दिया।
दहेज की मांग और तेजाब फेंकने की धमकी का आरोप
पायल रानी ने Hapur पुलिस को दी अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि उनके मायके वालों ने शादी के समय अपनी क्षमता अनुसार दान-दहेज दिया था। लेकिन ससुराल पक्ष इससे संतुष्ट नहीं था। पायल का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति और सास-ससुर ने अतिरिक्त रुपयों और गाड़ी की मांग शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई। पायल का दावा है कि आरोपियों ने उन पर तेजाब फेंकने और जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वह अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं।

पति की व्यथा: “मैंने उसे बनाया, उसने मुझे फंसाया”
इस Hapur मामले में दूसरा पक्ष भी काफी चौंकाने वाला है। आरोपी पति गुलशन ने Hapur पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि वे दोनों 2016 से एक-दूसरे को जानते थे। उन्होंने 2021 में कोर्ट मैरिज और फिर 2022 में सामाजिक रूप से शादी की थी। गुलशन का कहना है कि उसने अपनी पूरी जमा-पूंजी पायल की पढ़ाई और कोचिंग पर खर्च की ताकि वह अपने पैरों पर खड़ी हो सके। उसका आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर बनते ही पायल के व्यवहार में बदलाव आ गया और अब वह अपने पद का दुरुपयोग कर पूरे परिवार को प्रताड़ित कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
Hapur के एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसपी ने आश्वासन दिया है कि केवल आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला इस समय पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो हमें ज्योति मौर्य जैसे पिछले विवादों की याद दिलाता है।
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