UP Government School Audit:उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर चल रहे सोशल मीडिया अभियान के बीच योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को लेकर भ्रामक वीडियो बनाकर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। उन्होंने साफ कहा कि स्कूलों में छात्रों को बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिलना चाहिए।
स्कूलों पर नजर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की जमीनी स्थिति जांचने के निर्देश दिए हैं। खास तौर पर मिड-डे मील और लड़के-लड़कियों के लिए बनाए गए अलग-अलग शौचालयों की मौके पर जांच करने को कहा गया है। जिलाधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर उसे जल्द दूर कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बाहरी लोगों पर रोक
इससे पहले प्रदेश के कई जिलों में सरकारी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में यूट्यूबर्स समेत बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटो-वीडियोग्राफी को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ स्कूलों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह कदम उठाया गया। इन वीडियो में छात्रों को कथित तौर पर खराब गुणवत्ता का मिड-डे मील दिए जाने की स्थिति सामने आई थी।
अभियान से जुड़ा मामला
यूपी सरकार के ये निर्देश ऐसे समय आए हैं, जब CJP सोशल मीडिया पर ‘SchoolThikKaro’ अभियान के जरिए सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठा रहा है। अभियान के तहत स्कूलों का दौरा कर वहां की सुविधाओं और कमियों को सामने रखने का दावा किया जा रहा है। पिछले कुछ समय में यूपी के अलग-अलग हिस्सों में स्कूलों की सुविधाओं को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन भी सामने आए हैं।
आदेशों में बदलाव
बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर शुरुआती निर्देशों के बाद कई जिलों के शिक्षा अधिकारियों ने अपने आदेशों में बदलाव किया। नए सर्कुलर में अभिभावकों और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों को स्कूल आने और बच्चों की पढ़ाई व प्रगति से जुड़ी जानकारी लेने की अनुमति दी गई। इसके बाद मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूलों में जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा।
सुविधाओं पर जोर
अधिकारियों को सरकारी स्कूलों में साफ पीने का पानी, लड़के और लड़कियों के लिए अलग शौचालय, हाथ धोने की व्यवस्था, बिजली कनेक्शन, जरूरी उपकरण, किचन शेड, बाउंड्री वॉल और मिड-डे मील किचन जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। PM पोषण योजना के तहत छात्रों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही सोशल मीडिया पर मिलने वाली शिकायतों की तत्काल जांच करने और गलत सूचना फैलाने वाले अकाउंट्स पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।










