Governance Campaign: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के सफल बारह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश में एक विशाल उत्सव की तैयारी की जा रही है। आगामी 5 जून से 21 जून तक पूरे प्रदेश में ‘सुशासन और जनकल्याण’ को समर्पित एक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल के सदस्यों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे एक जन-आंदोलन का रूप दिया जाए, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
प्रगति पथ यात्रा और ग्राम चौपाल
इस अभियान का सबसे मुख्य आकर्षण ‘प्रगति पथ यात्रा’ होगी। राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग दस किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा निकाली जाएगी। इस पहल का उद्देश्य धरातल पर हुए विकास कार्यों का निरीक्षण करना और जनता से सीधे संवाद करना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस यात्रा के दौरान जन-प्रतिनिधि केवल भ्रमण ही नहीं करेंगे, बल्कि वे गांवों में रात्रि विश्राम भी करेंगे। इस दौरान गांवों में ‘चौपाल’ लगाई जाएगी, जहाँ स्थानीय नागरिकों और ग्राम प्रधानों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना जाएगा। यह रणनीति सरकार और जनता के बीच की दूरी को कम करने तथा अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शासन की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
विकास और सुशासन की परिवर्तनकारी यात्रा
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछले बारह वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस अवधि में भारत ने वैश्विक पटल पर अपनी एक विशिष्ट प्रतिष्ठा बनाई है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, और महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में हुए क्रांतिकारी सुधारों का उल्लेख किया। सरकार का मुख्य लक्ष्य शिक्षा और युवा सशक्तिकरण के माध्यम से प्रदेश के भविष्य को उज्ज्वल बनाना है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार और कानून-व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण ने राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसरों को जन्म दिया है। इन सभी उपलब्धियों को पत्रकों और संवाद के माध्यम से घर-घर तक पहुँचाने की योजना तैयार की गई है।
मंत्रियों को सक्रिय रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को विशेष उत्तरदायित्व सौंपते हुए कहा कि वे अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में अधिक से अधिक समय व्यतीत करें। उन्होंने उद्यमियों, व्यापारिक संगठनों, किसानों और प्रबुद्ध जनों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर बल दिया। सरकार का मानना है कि बारह वर्षों की यह यात्रा केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की गाथा है। इसी गौरवशाली यात्रा को उत्सव के रूप में मनाने के लिए पूरा सरकारी तंत्र अब पूरी शक्ति के साथ मैदान में उतरने को तैयार है।

