UP Scooty Scheme 2026:उत्तर प्रदेश की योगी सरकार छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने में सुविधा देने के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना चला रही है। योजना के तहत स्नातक पास करने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने का प्रावधान है। सरकार की योजना से करीब 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
योजना में केवल स्कूटी ही नहीं, बल्कि वाहन का आरटीओ पंजीकरण, बीमा, सुरक्षा हेलमेट और शुरुआती पेट्रोल जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। वहीं, शहीद परिवारों की बेटियों, दिव्यांग और निराश्रित मेधावी छात्राओं के लिए मेरिट में विशेष छूट का प्रावधान किया गया है।
क्या है रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना?
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ना और कॉलेज या विश्वविद्यालय आने-जाने में उन्हें सुविधा प्रदान करना है। इसके तहत चयनित छात्राओं को नई पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के पैकेज में स्कूटी के साथ पंजीकरण शुल्क, वाहन बीमा, ISI मार्क हेलमेट और जरूरी एक्सेसरीज भी शामिल रहेंगी। वितरण के समय छात्राओं को शुरुआती उपयोग के लिए 4 से 5 लीटर पेट्रोल भी दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
छात्राओं को क्या-क्या मिलेगा?
योजना के तहत चयनित छात्राओं को कई सुविधाएं मिलेंगी। इनमें मुख्य रूप से:
नई पेट्रोल स्कूटी
आरटीओ पंजीकरण का खर्च
वाहन बीमा
ISI मार्क सुरक्षा हेलमेट
4 से 5 लीटर शुरुआती पेट्रोल
आवश्यक वाहन एक्सेसरीज
सरकार का उद्देश्य है कि छात्राओं को आने-जाने के लिए आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े और वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
कौन-कौन छात्राएं होंगी पात्र?
योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। मान्यता प्राप्त राज्य या निजी विश्वविद्यालय अथवा संबद्ध डिग्री कॉलेज से स्नातक पास करने वाली छात्राएं पात्रता के दायरे में आएंगी।
टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं का होगा चयन
कॉलेज या विश्वविद्यालय की स्नातक पास छात्राओं में से टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं का चयन किया जाएगा। इसके अलावा छात्रा के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
शहीद या बलिदानी परिवारों की बेटियों, दिव्यांग और निराश्रित मेधावी छात्राओं को मेरिट के अंकों में 10 प्रतिशत तक की विशेष छूट देने का प्रावधान है।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?
योजना के लिए छात्राओं को कुछ जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इनमें उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र, नवीनतम आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और स्नातक की मार्कशीट शामिल हैं।
इसके अलावा APAAR ID, पासपोर्ट साइज फोटो और जरूरत पड़ने पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी मांगा जा सकता है।
कॉलेज करेगा आवेदन और सत्यापन
योजना की एक अहम बात यह है कि छात्राओं को खुद किसी पोर्टल पर जाकर अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। संबंधित विश्वविद्यालय और कॉलेज अपने रिकॉर्ड के आधार पर पात्र छात्राओं और टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं की सूची तैयार करेंगे।
इसके बाद दस्तावेजों और अंकों का सत्यापन किया जाएगा। कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर के बाद पात्र छात्राओं की सूची शासन के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
कब मिलेगी छात्राओं को स्कूटी?
योजना के अनुसार 2025-26 शैक्षणिक सत्र की पात्र और मेधावी छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर के दौरान स्कूटी वितरण करने की तैयारी बताई गई है। जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समारोह आयोजित कर चयनित छात्राओं को स्कूटी की चाबी सौंपी जा सकती है।
इस योजना का लक्ष्य प्रदेश की करीब 50 हजार मेधावी छात्राओं को लाभ पहुंचाना है।
