UP Women Financial Scheme:उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार महिलाओं के लिए बड़ी आर्थिक योजना लाने की तैयारी कर रही है। यह योजना बिहार के मॉडल से प्रेरित बताई जा रही है। इसके तहत पात्र महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये तक की मदद तीन चरणों में दी जा सकती है। प्रस्ताव के अनुसार चुनाव से पहले 20 हजार रुपये की पहली किस्त देने और बाकी 30 हजार रुपये नई सरकार बनने के बाद 10-10 हजार की किस्तों में देने पर विचार हो रहा है।
तीन किस्तों में मदद
योजना का मकसद महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करना है। पहली किस्त के तौर पर 20 हजार रुपये दिए जा सकते हैं। इस रकम का इस्तेमाल महिलाएं छोटा कारोबार शुरू करने या स्वरोजगार में कर सकेंगी। आगे मिलने वाली 30 हजार रुपये की सहायता एक साथ या 10-10 हजार की तीन किस्तों में देने का विकल्प भी सामने है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी इसका फायदा मिल सकता है।
चुनावी असर पर नजर
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में महिलाओं को सीधे आर्थिक मदद देने वाली योजनाओं का चुनावी असर देखने को मिला था। इसी वजह से यूपी में भी महिला मतदाताओं को ध्यान में रखकर ऐसी योजना पर काम हो रहा है। ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को इसमें शामिल करने की तैयारी है। पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था होगी, जिससे बीच के लोगों की भूमिका खत्म रहेगी।
महिला वोटर अहम
उत्तर प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या काफी बड़ी है और मतदान में भी उनकी भागीदारी लगातार मजबूत रही है। इसी वजह से सभी राजनीतिक दल महिलाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार योजना के लिए पात्रता और आवेदन की शर्तें तय करने पर काम कर रही है। पिछड़े और दलित वर्ग की महिलाओं को भी खास तौर पर लाभ देने के विकल्प पर चर्चा है।
बजट में बढ़ा हिस्सा
महिला कल्याण के लिए सरकार ने हाल में अतिरिक्त बजट का भी प्रावधान किया है। अनुपूरक बजट में महिला कल्याण के लिए 1094.40 करोड़ रुपये अतिरिक्त रखने का प्रस्ताव है। निराश्रित महिला पेंशन के लिए 930 करोड़ और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के लिए भी 54.30 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
स्कूटी का भी प्लान
सरकार की महिला केंद्रित तैयारी सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। मेधावी स्नातक छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटी देने की तैयारी भी चल रही है। पहले चरण में 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने का लक्ष्य बताया जा रहा है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से छात्राओं का डेटा जुटाया जा रहा है। इसके अलावा महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के जरिए रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देने पर भी जोर है।








